सड़कों पर सन्नाटा, टीवी से चिपके रहे लोग परिणाम जानने के लिए सुबह से लोग रहे बेचैन दाउदनगर (अनुमंडल)विधानसभा चुनाव का परिणाम जानने के लिए लोग सुबह से ही बेचैन रहे. रविवार को सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा. लोग अपने घरों में टीवी से चिपके देखे गये. कहीं-कहीं लोग रेडियो हाथ में लेकर सुनते भी नजर आये. हर तरफ यह बेचैनी दिखी कि बिहार में किसकी सरकार बनने जा रही है. लोग विधानसभावार परिणाम जानने को बेचैन थे. सुबह से तो टीवी चैनलों पर लगातार प्रारंभिक चरण में एनडीए की बढ़त दिखायी जाने लगी तो एनडीए समर्थकों के चेहरे पर खुशी की झलक थी. लेकिन जैसे ही पूर्वाह्न बाद महागंठबंधन ने अप्रत्याशित बढ़त बना ली, तो एनडीए गंठबंधन की समर्थकों की खुशी नाखुशी में बदल गयी और महागंठबंधन समर्थकों के चेहरे खुशी से खिल उठे.कार्यकर्ताओं ने बांटी मिठाइयां विधानसभा चुनाव में महागंठबंधन की जीत पर जदयू नेताओं ने प्रसन्नता जाहिर करते हुए मिठाइयां बांटी. रविवार की दोपहर जदयू व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रखंड अध्यक्ष संजय प्रसाद उर्फ चुन्नु के नेतृत्व में खुशी व्यक्त करते हुए मिठाइयां बांटी गयी. मौके पर मौजूद जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के नगर अध्यक्ष मोहम्मद गुड्डू, पप्पू गुप्ता, प्रीतम सिंह चंद्रवंशी, प्रकाश कुमार, जदयू किसान प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष विनय उर्फ अभय चंद्रवंशी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सूबे का सर्वांगीण विकास हुआ है. इसके कारण महागंठबंध की यह जीत हुई है. इन नेताओं ने हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि लालू प्रसाद, नीतीश कुमार व सोनिया गांधी के नेतृत्व में आम जनता ने अपना विश्वास व्यक्त किया है.आम जनता की हुई जीत : प्रमोदजदयू के वरिष्ठ नेता व राज्य अतिपिछड़ा आयोग के सदस्य प्रमोद सिंह चंद्रवंशी ने कहा है कि महागंठबंधन की भारी बहुमत से यह जीत बिहार की जनता की जीत है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, लालू प्रसाद व सोनिया गांधी के नेतृत्व में जनता ने आस्था व्यक्त करते हुए जनता ने यह बहुमत दिया है. मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार का सर्वांगीण विकास हुआ है. इसके परिणाम स्वरूप जनता ने जनादेश दिया है. यह लोकतंत्र व आम जनता की जीत है. श्री चंद्रवंशी ने आम जनता को धन्यवाद देते हुए इस ऐतिहासिक जीत के लिए महागंठबंधन परिवार को बधाई दी है.15 वें विधायक चुने गये ओबरा केओबरा विधानसभा क्षेत्र ने बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में अपना 15वां विधायक चुना है. इनकी निर्वाचन की घोषणा रविवार को हुई. इससे पहले 1951 में सोशलिस्ट पार्टी के पदारथ सिंह, 1962 में कांग्रेस के दिलकेश्वर राम, 1967 में कांग्रेस के आरके सिंह, 1969 में प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के पदारथ सिंह, 1972 में कांग्रेस के नारायण सिंह,1977 में जेएनपी के राम विलास सिंह,1980 में भाजपा के वीरेंद्र प्रसाद सिंह, 1985 में लोक दल के रामविलास सिंह, 1990 में जनता दल के रामविलास सिंह, 1995 व 2000 हजार में सीपीआइ एमएल के राजाराम सिंह ने ओबरा विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया. 2005 के फरवरी व अक्तूबर के दोनों विधानसभा चुनाव में राजद के सत्यनारायण सिंह विधायक निर्वाचित हुए थे. ओबरा के इतिहास में पहली बार वर्ष 2010 में निर्दलीय विधायक चुने गये, जब निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में सोम प्रकाश सिंह विधायक निर्वाचित हुए थे. अपने 15वें विधायक का चुनाव मतदाताओं ने 16 अक्तूबर को द्वितीय चरण के मतदान में वोटिंग करते हुए इवीएम में बंद कर दिया था.
सड़कों पर सन्नाटा, टीवी से चिपके रहे लोग
सड़कों पर सन्नाटा, टीवी से चिपके रहे लोग परिणाम जानने के लिए सुबह से लोग रहे बेचैन दाउदनगर (अनुमंडल)विधानसभा चुनाव का परिणाम जानने के लिए लोग सुबह से ही बेचैन रहे. रविवार को सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखा. लोग अपने घरों में टीवी से चिपके देखे गये. कहीं-कहीं लोग रेडियो हाथ में लेकर सुनते भी […]
