कुटुंबा (औरंगाबाद) : प्रखंड के सत्येंद्र हाइस्कूल गंगहर में शिक्षकों की काफी कमी है. यहां नौवीं, 10वीं, 11वीं व 12वीं में कुल 1997 विद्यार्थी हैं और इन्हें पढ़ाने के लिए स्कूल में मात्र 11 शिक्षक हैं. उसमें से एक हेडमास्टर भी है, जो विभागीय कार्य में व्यस्त रहते हैं. नौ शिक्षक माध्यमिक कक्षा के लिए व दो शिक्षक उच्चतर माध्यमिक के बच्चों को पढ़ाते हैं. आखिर एक शिक्षक 200 बच्चों को कैसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दे पायेंगे.
जानकारी के अनुसार, कक्षा नौ में 798, 10वीं कक्षा में 719 छात्र-छात्राएं हैं. मैट्रिक परीक्षा अब सिर पर है. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी है और फरवरी-मार्च में परीक्षा होनी है. ऐसे में उनकी तैयारी कैसे पूरी होगी. स्कूल में अनिवार्य संस्कृत विषय पढ़ाने के लिए एक भी शिक्षक नहीं है. संस्कृत के 100 अंक की परीक्षा में बच्चे क्या लिखेंगे जब उनका क्लास ही नहीं चलता हो.
उच्चतर माध्यमिक की बात करें तो 11वीं व 12वीं में यहां 480 विद्यार्थी हैं. इन बच्चों को पढ़ाने के लिए इतिहास व राजनीतिक शास्त्र के ही शिक्षक हैं. अन्य विषय गणित, भौतिकी, रसायन, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, समाज शास्त्र, हिंदी, संस्कृत, तर्क शास्त्र, भूगोल, मनोविज्ञान, अर्थशास्त्र समेत अन्य विषयों की पढ़ाई अधर में है. सरकार क्वालीटी एजुकेशन की बात करती है, जहां शिक्षक ही नहीं है वहां क्वालिटी एजुकेशन की बात क्या कही जा सकती है.
