किसानों के प्रयास से नहर में आया पानी विभागीय लापरवाही के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल हुई प्रभावित (फोटो नंबर-4) परिचय-किसानों प्रयास से महुअरी कैनाल में आया पानी कुटुंबा (औरंगाबाद)प्रखंड क्षेत्र में उत्तर कोयल नहर से मौसम के विपरीत परिस्थिति में भी किसानों को धान पटवन के लिए जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल सका. विभाग भी इस पर कोई पहल नहीं कर पाया. झारखंड प्रदेश के मोहम्मदगंज स्थित भीम बराज में पानी रहने के बावजूद भी नहर में नहीं छोड़ा गया,बल्कि रोक लगा दिया गया. प्रखंड की सूही, जगदीशपुर, कुटुंबा, दधपा, बैरांव, तेलहारा, घेउरा, भरौंधा आधी पंचायतों में एक पानी के पटवन के बिना धान से बाली नहीं निकल सकी. सबसे खास बात यह है कि बराज से निरंतर 250-300 क्यूसेक पानी नहर में बहता रहा. जिसे झारखंड के अधिकारी व किसान 95 आरडी के गेट तक ही रोक कर रखे रहे. एक माह पहले से ही औरंगाबाद के सिंचाई विभाग के अधिकारी बराज में पानी नहीं होने की बात कह कर किसानों को बरगलाते रहे. इसी तरह हथिया, चित्रा नक्षत्र बीत गया और दर्जनों गांव में धान की फसल सूख गयी. हाल में सिमरी, चनकप, चिंतावन बिगहा, पिपरा, तुरता, बसतसपुर, ओरडीह आदि गांवों के किसान जब स्वयं प्रयास व पहल की, तो नहर में पानी आया और पुन: नहर से सिंचाई शुरू हुई. किसान धर्मेंद्र सिंह, प्रसिद्ध सिंह आदि का कहना है कि बराज में पानी रहते विभागीय लापरवाही के कारण धान की फसल मारी गयी. संवाद लिखे जाने तक महुअरी नहर में पानी चल रहा है और धान की सिंचाई हो रही है.
किसानों के प्रयास से नहर में आया पानी
किसानों के प्रयास से नहर में आया पानी विभागीय लापरवाही के कारण सैकड़ों एकड़ धान की फसल हुई प्रभावित (फोटो नंबर-4) परिचय-किसानों प्रयास से महुअरी कैनाल में आया पानी कुटुंबा (औरंगाबाद)प्रखंड क्षेत्र में उत्तर कोयल नहर से मौसम के विपरीत परिस्थिति में भी किसानों को धान पटवन के लिए जरूरत के अनुसार पानी नहीं मिल […]
