मारपीट के मामले में सांसद को कोर्ट ने किया रिहा

औरंगाबाद (नगर) : बुधवार को व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायायिक दंडाधिकारी उमेश कुमार की अदालन ने मारपीट के मामले में सुनवाई के बाद सांसद सुशील कुमार सिंह को रिहा कर दिया. इसके पूर्व सांसद दो जमानदार के साथ न्यायालय में पहुंचे. उनके अधिवक्ता ने दंडाधिकारी के समक्ष दलीलें पेश कीं और सांसद को निर्दोष […]

औरंगाबाद (नगर) : बुधवार को व्यवहार न्यायालय के प्रथम श्रेणी न्यायायिक दंडाधिकारी उमेश कुमार की अदालन ने मारपीट के मामले में सुनवाई के बाद सांसद सुशील कुमार सिंह को रिहा कर दिया. इसके पूर्व सांसद दो जमानदार के साथ न्यायालय में पहुंचे. उनके अधिवक्ता ने दंडाधिकारी के समक्ष दलीलें पेश कीं और सांसद को निर्दोष बताया. सुनवाई के बाद दंडाधिकारी ने सांसद को रिहा कर दिया.
कोर्ट से रिहा होने के बाद सांसद ने कहा कि राजनीतिक साजिश के तहत उन्हें एक मामले में फंसाया गया था. मुझे कोर्ट पर भरोसा था कि न्याय मिलेगा. गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान 20 अप्रैल, 2004 को शहर के सिन्हा कॉलेज बूथ पर मारपीट की घटना हुई थी. इस घटना में रामविलास यादव व विजय यादव सहित तीन लोग जख्मी हुए थे. रामविलास यादव ने नगर थाने में नजायज मजमा लगा कर मारपीट करने का आरोप सांसद पर लगाया था. इसी मामले में कोर्ट में मुकदमा चल रहा था.
औरंगाबाद (नगर) : बिहार सरकार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी के पुत्र संतोष सुमन ने औरंगाबाद नगर थाने में उपस्थित होकर एक मामले में जमानत ली. नगर थाने के दारोगा दशरथ सिंह ने बताया कि संतोष सुमन, कुटुंबा विधानसभा क्षेत्र से हिंदुस्तान अवाम मोरचा के प्रत्याशी हैं.
नामांकन के दौरान उन्होंने चुनाव आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया था. इसके बाद एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद के निर्देश पर एक दंडाधिकारी के बयान पर नगर थाने में उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. पुलिस ने जांच में मामले को सत्य पाया था. इसके बाद पूर्व सीएम के पुत्र मंगलवार की रात नगर थाना पहुंचे. उन्हें थाने से ही जमानत दी गयी.

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