स्वच्छ भारत मिशन का सपना अधूरागरीब तबके के लोग खुले में शौच करने को विवश (गा्रफीक्स लगा देंगे) औरंगाबाद (नगर)एक तरफ गांवों को स्वच्छ, निर्मल व सुंदर बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर कई योजना चलायी गयी, लेकिन इसका लाभ किसी को नहीं मिल पा रहा है. आज भी शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों में गुजर बसर करने वाले गरीब तबके के लोग खुले में शौच करने को विवश हैं. उनके पीछे कारण है कि गरीब तबके के लोग आर्थिक स्थिति कमजोर रहने के कारण घरों में शौचालय नहीं बना सके हैं. इस परिस्थिति में खुले में शौच करने को विवश हैं. इधर, सरकार द्वारा निर्मल भारत अभियान योजना चला कर घर-घर शौचालय बनवाने की दिशा में कार्य चल रहा था. इस योजना के तहत कागज पर हजारों शौचालयों का निर्माण कराया गया, लेकिन धरातल पर दिखायी नहीं दिया. खुले में शौच करने के दौरान इस जिले में कई हादसा भी हो चुके हैं. इसके कारण कई लोगों की जानें भी जा चुकी है. पिछले वर्ष खुले में शौच करने के दौरान सदर प्रखंड के बखारी गांव की तीन महिलाएं की मौत ट्रेन की चपेट में आकर हो गयी थी. इसके पहले सदर प्रखंड के ही मंजूराही गांव के समीप शौच करने के दौरान एक अनियंत्रित वाहन ने राष्ट्रीय राजमार्ग दो पर कई लोगों को कुुचल दिया था, जिसमे चार लोगों की मौत मौके पर ही हो गयी थी, और कई लोग जख्मी भी हुए थे. इस घटनाओं के बाद भी प्रशासन की निंद नहीं खुली. आज भी लोग सड़क व रेलवे ट्रैक के किनारे शौच करते हैं. ग्रामीण इलाकों की हालत यह है कि गांव में जाने से पहले गंदी मैला से होकर गुजरना पड़ता है. यही नहीं जिला मुख्यालय के ऐतिहासिक गांधी मैदान, दानी बिगहा स्थित पार्क, अदरी नदी, ओवरब्रिज के समीप एनएच टू के अलावे अन्य स्थानों पर मैला का अंबार देखने को मिलता है. आखिर लोग इससे कब तक खुले मे शौच करते रहेंगे और कब स्वच्छ भारत मिशन का सपना पूरा होगा. यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा. इस संबंध में पीएचइडी के कार्यपालक पदाधिकारी बिंदू भूषण ने कहा कि इस क्षेत्र में सुधार लाने के लिए विभाग द्वारा प्रयास किया जा रहा है. शौचालयों का निर्माण भी कराया जा रहा है. आने वाले कुछ वर्षो में घर-घर में शौचालय का निर्माण करा दिया जायेगा.
स्वच्छ भारत मिशन का सपना अधूरा
स्वच्छ भारत मिशन का सपना अधूरागरीब तबके के लोग खुले में शौच करने को विवश (गा्रफीक्स लगा देंगे) औरंगाबाद (नगर)एक तरफ गांवों को स्वच्छ, निर्मल व सुंदर बनाने के लिए सरकार द्वारा करोड़ों रुपये खर्च कर कई योजना चलायी गयी, लेकिन इसका लाभ किसी को नहीं मिल पा रहा है. आज भी शहर से लेकर […]
