खुले में बैठ कर बच्चे दे रहे सावधिक परीक्षा

खुले में बैठ कर बच्चे दे रहे सावधिक परीक्षा (फोटो नंबर-1)- बापू की प्रतिमा स्थल के पास बैठ कर परीक्षा देते बच्चे.विद्यालय में न तो कमरे सही सलामत हैं और न ही फर्नीचरप्रतिनिधि, हसपुरा (औरंगाबाद)हसपुरा हाइस्कूल में भवन के अभाव में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. कमरों के अभाव में बच्चे खुले में […]

खुले में बैठ कर बच्चे दे रहे सावधिक परीक्षा (फोटो नंबर-1)- बापू की प्रतिमा स्थल के पास बैठ कर परीक्षा देते बच्चे.विद्यालय में न तो कमरे सही सलामत हैं और न ही फर्नीचरप्रतिनिधि, हसपुरा (औरंगाबाद)हसपुरा हाइस्कूल में भवन के अभाव में शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गयी है. कमरों के अभाव में बच्चे खुले में परीक्षा देने को मजबूर हैं. हैरानी की बात यह है कि परीक्षा दे रहे बच्चों के बीच एक भी शिक्षक भी नहीं हैं. कमरों के अभाव में हसपुरा हाइस्कूल में नौवीं व 10वीं के बच्चे पेड़ की छाया व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रतिमा स्थल के पास बैठ कर सावधिक परीक्षा दे रहे हैं. गौरतलब है कि विद्यालय में न तो कमरे सही सलामत हैं और न ही फर्नीचर. शिक्षकाें के बैठने तक के लिए भी टेबुल-कुरसी की कमी है. सावधिक परीक्षा दे रहे राशिद, कुंदन, राजेश, रंजन, अरशद, पवन, अरुण, मनीष, सुनील, लालचंद, मुन्ना, अनुज, रोहित, अमित, निखिल, पंकज, इम्तियाज, अखिलेश, हिमांशु, इरशाद, आफताब, शाहनवाज, नवाब व तनवीर ने बताया कि परीक्षा फीस के नाम पर मोटी रकम ली जाती है, लेकिन बैठने तक के लिए टेबुल-कुरसी तक नहीं दिया जाता है. किसी भी विषय का कोर्स पूरा नहीं होता है, जबकि सावधिक परीक्षा में पास होना जरूरी है. निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई कर कोर्स पूरा करना पड़ता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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