नशे के लिए बच्चे कर रहे बॉनफिक्स का प्रयोग

अंबा(औरंगाबाद) : किताब-कॉपी व अन्य टूटे-फूटे चीजों को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाने वाला बॉनफिक्स का प्रयोग छोटे स्कूली बच्चे नशा के लिये प्रयोग में ला रहे है. किसी के कहने पर नासमझी में बच्चे जब एक-दो बार इसका इस्तेमाल कर लेते हैं, उन्हें इसकी आदत हो गयी है. इसके बाद वे प्रतिदिन इसके […]

अंबा(औरंगाबाद) : किताब-कॉपी व अन्य टूटे-फूटे चीजों को जोड़ने के लिए उपयोग किया जाने वाला बॉनफिक्स का प्रयोग छोटे स्कूली बच्चे नशा के लिये प्रयोग में ला रहे है. किसी के कहने पर नासमझी में बच्चे जब एक-दो बार इसका इस्तेमाल कर लेते हैं, उन्हें इसकी आदत हो गयी है.
इसके बाद वे प्रतिदिन इसके सेवन करना उनकी लत बन जा रही है. इसी तरह का एक मामला कुटुंबा थाने में आया है. अपने बच्चे व बॉनफिक्स के साथ थाने पहुंची कुटुंबा गांव के सुदामा लाल की पत्नी शंकुतला देवी ने पुलिस को बताया कि उसका बेटा रितिक हर रोज बॉनफिक्स सूंघता है. इसके लिए वह चुपके से घर से पैसा भी गायब कर देता है. महिला दुकानदार पर आरोप लगा रही थी कि दुकानदार ने ही इसको बिगाड़ा है.
रितिक कन्या मध्य विद्यालय कुटुंबा की छठी क्लास का छात्र है. काफी पूछने पर रितिक ने बताया कि गांव के विक्की नामक लड़का ने मुझे बॉनफिक्स की लत लगायी है. उसने बताया कि एक वर्ष पहले उसने मुझे कागजात व प्लास्टिक में करके सिरगरेट जैसा पीने के लिये बताया था. अभी मैं बॉनफिक्स कागज पर लेकर उसे सुंघता हूं . इसमें थोड़ी देर तक नशा आता है.इसका ससे बड़ा वजह अभिभावक की लापरवाही है.
इस संबंध में थानाध्यक्ष सुभाष राय ने बताया कि बच्चे की भविष्य संवारने को उतरदायित्व माता-पिता व शिक्षक को है. उन्होंने अभिभावकों को अपने बच्चे के प्रति सजग रहने की सलाह दी.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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