औरंगाबाद (नगर)जिले में निजी विद्यालयों द्वारा री-एडमिशन के नाम पर लिए जा रहे अवैध पैसे व घरों में शौचालय नहीं रहने को लेकर गोकुल सेना के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को समाहरणालय के सामने 24 घंटे तक उपवास रख कर धरना दिया. गोकुल सेना के प्रदेश अध्यक्ष संजीव नारायण सिंह, संरक्षक संजय सज्जन, दिनेश कुमार सिंह, संतोष सावंत व आशुतोष कुमार सिंह सहित अन्य वक्ताओं ने कहा कि जिले के सभी निजी विद्यालयों में री-एडमिशन के नाम पर लूट मची है. किताब के नाम पर, बिल्डिंग डेवलपमेंट के नाम पर व कंप्यूटर फीस के नाम पर विद्यालय प्रबंधन द्वारा विद्यार्थियों का आर्थिक दोहन किया जा रहा है.
वहीं, निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत गरीब बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने के लिए सरकार ने घोषणा की थी, लेकिन इसका लाभ विद्यालय के बच्चों को नहीं मिल पा रहा है. यही नहीं, आजादी के 68 वर्ष बीत जाने के बाद भी गांवों में शौचालय न के बराबर है. वहीं, सरकार प्रत्येक घर में शौचालय निर्माण के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है. इसके बावजूद माताएं व बहने खुले में शौच करने को विवश हैं. यही नहीं, इस जिले में 50 लाख रुपये पीएचइडी द्वारा शौचालय निर्माण पर खर्च किया जा चुका है. बावजूद शौचालय का निर्माण नहीं हो सका है. सिर्फ कागज पर ही शौचालय का निर्माण किया गया है.
यदि, जिला प्रशासन व सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई कारगर कदम नहीं उठाती है, तो गोकुल सेना के कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे. जरूरत पड़ी तो समाहरणालय के सामने अनिश्चितकालीन अनशन पर भी बैठेंगे. इसकी सारी जिम्मेवारी जिला प्रशासन व राज्य सरकार को होगी. पिछले कई बार से इन दोनों मुद्दों के निराकरण करने के लिए जिला प्रशासन को सौंपा गया है, लेकिन कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया. इससे विवश होकर 24 घंटे उपवास पर बैठना पड़ा है.
