समाहरणालय स्थित योजना भवन में प्रोत्साहन योजना के लिए बुलायी गयी थीं जिलेभर की छात्राएं
स्थिति अनियंत्रित होने पर जिलाधिकारी व एसडीओ ने संभाला मोरचा
औरंगाबाद (नगर) : शनिवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग द्वारा मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत चेक देने के लिए छात्रओं को समाहरणालय स्थित योजना भवन के सभागार में बुलायी गयी थी. पूरे जिलेभर से हजारों छात्राएं चेक लेने के लिए योजना भवन पहुंची थी.
जैसे ही विभाग द्वारा चेक बांटने की प्रक्रिया प्रारंभ की गयी, वैसे ही छात्राएं पहले चेक लेने की होड़ में धक्का-मुक्की करने लगी. यही नहीं जो सभाकक्ष में कीमती टेबुल लगाया गया था, वह भी टूट गया. अधिकारी बार-बार पीछे हटने की हिदायत दे रहे थे, लेकिन छात्राएं किसी की भी सुनने को तैयार नहीं थी. कोई कह रही थी कि हम दूर से आये हैं, इसलिए पहले चेक दे दीजिए ताकि घर समय पर पहुंच जाएं. लेकिन विभाग के अधिकारी क्रमवार चेक देने की बात कह रहे थे.
जब स्थिति अनियंत्रित हो गयी, तो जिलाधिकारी नवीन चंद्र झा, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अशोक दास, योजना पदाधिकारी कुमार पंकज को मोरचा संभालना पड़ा. एक तरफ एसडीओ तो दूसरी तरफ जिलाधिकारी माइक से छात्रओं को शांत रहने की अपील कर रहे थे, लेकिन छात्राएं अपनी जिद्द पर अड़ी थीं. जब जिलाधिकारी ने कहा कि अभी सिर्फ बारुण व औरंगाबाद प्रखंड की छात्रओं को चेक मिलेगा. दूसरे प्रखंडों की छात्राएं हैं, वह हॉल से बाहर निकल जायें, ताकि सहूलियत से कार्यक्रम चल सके. इसके बाद भी छात्राएं नहीं मानी, तब समाहरणालय के सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया.
तब जाकर दूसरे प्रखंड की छात्राएं बाहर निकलीं और चेक का वितरण शुरू हुआ. जिला अल्पसंख्या कल्याण पदाधिकारी अशोक दास ने बताया कि 700 छात्रओं को चेक देने के लिए बुलाया गया था, लेकिन पूरे जिले से हजारों की संख्या में छात्राएं अचानक पहुंच गयी, जिसके कारण परेशानी उत्पन्न हो गयी.
