वार्ड-15 के पार्षद प्रतिनिधि सिकंदर हयात का कहना है कि नगर पर्षद की वर्तमान स्थिति काफी चिंताजनक है. इस तरह की कुव्यवस्था पहले कभी नहीं देखी गयी थी. वार्ड पार्षदों की सुननेवाला कोई नहीं है. गुलफान खां ने कहा कि नगर पर्षद अपनी जिम्मेवारी निभाने में अक्षम साबित हो रही है. अभी तक नगर पर्षद की तरफ से कोई भी ऐसा काम नहीं किया गया है, जिससे शहर के लोगों को सुविधा हुई हो. ईद नजदीक है, लेकिन हर तरफ कूड़ा व गंदगी का अंबार लगा है.
सड़कों पर गंदगी, चलना मुश्किल
औरंगाबाद कार्यालय: औरंगाबाद शहर की सूरत कचरे के ढेर से बदसूरत हो रही है. मुख्य सड़कों से लेकर गली-मुहल्ले को जानेवाली सड़कों पर फैली गंदगी से लोगों को चलना मुश्किल हो गया है. कई जगहों पर तो लोग कचरे से उठ रही दरुगध के मुंह पर रूमाल रख कर गुजर रहे हैं, लेकिन नगर पर्षद […]

औरंगाबाद कार्यालय: औरंगाबाद शहर की सूरत कचरे के ढेर से बदसूरत हो रही है. मुख्य सड़कों से लेकर गली-मुहल्ले को जानेवाली सड़कों पर फैली गंदगी से लोगों को चलना मुश्किल हो गया है. कई जगहों पर तो लोग कचरे से उठ रही दरुगध के मुंह पर रूमाल रख कर गुजर रहे हैं, लेकिन नगर पर्षद शहर से कूड़ा व गंदगी हटाने के लिए चिंतित नहीं दिखाई दे रही है. अगर नगर पर्षद के अधिकारी व कर्मचारी थोड़े भी गंभीर होते, तो शहर की लाइफ लाइन कही जानेवाले पुरानी जीटी रोड पर दर्जनों जगह कूड़े व गंदगी का अंबार नहीं लगा होता.
पूरे शहर में हर तरफ कूड़ा-कचरा फैला हुआ है. हैरानी की बात तो यह है कि तीन दिन बाद ईद है, लेकिन शहर के प्रमुख मसजिदों के आसपास गंदगी पसरी हुई है. सफाई नहीं होने के कारण मुसलिम समुदाय में आक्रोश देखा जा रहा है. पठान टोली के रहनेवाले व्यवसायी खान इमरोज का कहना है कि नगर पर्षद की उदासीनता के कारण लोगों का जीना दूभर हो गया है. इसके अधिकारियों व कर्मचारियों को पर्व-त्योहार पर भी साफ-सफाई की चिंता नहीं है.