औरंगाबाद (नगर): जिले में ट्रैफिक नाम की कोई चीज नहीं है. चाहे जिधर जायें, जाम की समस्या से जिलेवासियों को जूझना पड़ता है. शहर में तो आये दिन जाम की समस्या से शहरवासियों को जूझना पड़ता है, लेकिन इन दिनों जिलेवासी भी जाम की समस्या ङोल रहे हैं. शहर से दो किलोमीटर की दूरी पर जसोइया मोड़ के समीप सुबह व शाम जाम लग रहा है. इसके कारण सुबह में लोगों को कोर्ट-कचहरी, कार्यालय पहुंचने में देर हो जा रही है, तो शाम में यात्रियों की बसें व ट्रेनें छूट जा रही हैं.
बावजूद इसके प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. जाम लगने का मुख्य कारण यह है कि सीमेंट कंपनी में दर्जनों की संख्या में ट्रक एक साथ प्रवेश करना और फिर एक ही बार में निकलता है. एक तो सड़क संकीर्ण है और ऊपर से सड़क की दोनों ओर बेतरतीब तरह से ट्रकों को खड़ा हो जाने से जाम की समस्या और गंभीर हो जा रही है. करीब दो किलोमीटर तक जाम लग जा रहा है. यही स्थिति ओवरब्रिज के समीप का है. यहां भी सुबह व शाम जाम की समस्या उत्पन्न हो जा रही है. इससे जिला मुख्यालय से प्रखंडों में ड्यूटी करने जाने वाले कर्मचारियों को अपने कार्यालय पहुंचने में भी काफी देरी हो जा रही है. इसके अलावे अंबा चौक, दाउदनगर का भखरुआ मोड़, नवीनगर पुनपुन पुल आदि जगहों की ऐसी स्थिति है. जहां कोई ऐसा दिन नहीं है कि जाम न लगता हो. हर रोज जिले में लग रही जाम की समस्या से जिलेवासी जूझ रहे हैं. घर व कार्यालय पहुंचने में लेट हो रहा है. लेकिन प्रशासन को इससे कोई लेना-देना नहीं है. शहर में जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए तो सदर एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद पहल की थी. कुछ दिन तक ठीक-ठाक रहा, लेकिन बाद में पुन: वहीं स्थिति उत्पन्न हो गयी है.
फिलहाल तो ऐसे हालात हैं कि लोगों को घंटों जाम में फंसा रहना पड़ रहा है. दाउदनगर भखरुआ मोड़ पर जाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए एसडीओ राजेश कुमार प्रयास किये, लेकिन वह भी सार्थक होता नहीं दिख रहा है. यह देखना लाजिमी होगा कि जाम की समस्या से जिलेवासियों को प्रशासन निजात दिलाती है या फिर जिलेवासियों को खुद कारगर कदम उठाना होगा.
