औरंगाबाद (नगर): बिहार विधान परिषद का मतदान संपन्न होते ही प्रत्याशी व उनके समर्थक हार-जीत की गणना करने में जुट गये हैं. सभी प्रत्याशी अपने-अपने जीत का दावा कर रहे हैं. हालांकि भाजपा प्रत्याशी राजन कुमार सिंह व राजद प्रत्याशी विनय प्रसाद के बीच ही कड़ी टक्कर होने की चर्चा है. लेकिन जीत के लिए 10 जुलाई तक इंतजार करना होगा. इधर जिलेवासियों को चिंता सता रही है कि महाराणा प्रताप की भूमि पर भामा शाह का उदय न हो जाये.
क्योंकि औरंगाबाद मिनी चितौड़गढ़ के रूप में जाना जाता है. इस चुनाव में अब तक एक ही जाति का दबदबा रहा है. लेकिन इस बार परिणाम कुछ और भी हो सकता है. भाजपा प्रत्याशी का दावा है कि अप्रत्याशित मतों से विजयी होंगे. वहीं राजद प्रत्याशी भी जीत का दंभ भर रहे हैं.
वोटरों के लिए वाहनों की थी खास व्यवस्था: मतदान के दौरान वोटर को काफी सम्मान के साथ प्रत्याशियों द्वारा मतदान केंद्र पर लाया गया. इसके लिए प्रत्याशियों द्वारा वाहनों की खास व्यवस्था की गयी थी. वोटरों को घर से मतदान केंद्र तक लाया गया. फिर वोटिंग के बाद चाय-नाश्ता के साथ वापस घर पहुंचाया गया.
