देखते रहे अधिकारी, उत्पात मचाते रहे लोग

औरंगाबाद (नगर): शहर के जसोइया मोड़ स्थित निजी क्लिनिक में दो दिन पहले सदर प्रखंड के फेसर थाना अंतर्गत फतेहा गांव के मंटू कुमार सिंह की पत्नी डॉली देवी एक बच्च को जन्म दी थीं. जन्म देने के बाद डॉली की तबीयत अचानक सोमवार की रात खराब हो गयी. इसके बाद किसी चिकित्सक डॉ आसित […]

औरंगाबाद (नगर): शहर के जसोइया मोड़ स्थित निजी क्लिनिक में दो दिन पहले सदर प्रखंड के फेसर थाना अंतर्गत फतेहा गांव के मंटू कुमार सिंह की पत्नी डॉली देवी एक बच्च को जन्म दी थीं.
जन्म देने के बाद डॉली की तबीयत अचानक सोमवार की रात खराब हो गयी. इसके बाद किसी चिकित्सक डॉ आसित रंजन ने महिला की स्थिति गंभीर बताते हुए बेहतर इलाज हेतु गया रेफर कर दिया.
मंगलवार की सुबह डॉली को लेकर परिजन इलाज कराने के लिए गया लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही डॉली की मौत हो गयी. इसके बाद परिजनों ने डॉली के शव को लेकर डॉ आसित रंजन के क्लिनिक पर पहुंचे और क्लिनिक के अंदर प्रवेश कर तोड़-फोड़ व पथराव करना शुरू कर दिया. इसके बाद क्लिनिक के कुछ कर्मचारियों ने पांच मंजिले भवन के छत पर चढ़ कर पथराव कर रहे लोगों पर पथराव करना शुरू कर दिया. इसके बाद लोगों का गुस्सा भड़क उठा.

देखते ही देखते कथरूआ, जसोइया, दानी बिगहा, सत्येंद्र नगर सहित अन्य मुहल्ले के हजारों लोग पहुंच गये. क्लिनिक के सामने से गुजरी पुरानी जीटी रोड को जाम कर दिया और डॉक्टर व प्रशासन के विरुद्ध नारेबाजी करने लगे. हंगामा व सड़क जाम की सूचना पाकर नगर थाना के दारोगा दशरथ सिंह दल-बल के साथ पहुंचे. सड़क जाम क र रहे लोगों को समझाने का प्रयास किया, पर लोग नहीं मानें. इसी बीच एक व्यक्ति का सिर फट गया. इसके बाद लोगों का गुस्सा और बढ़ गया. दारोगा के साथ मारपीट की. यही नहीं लोग डॉक्टर की गिरफ्तारी की मांग पर अड़ गये और क्लिनिक में फिर ताबड़तोड़ पथराव करना शुरू कर दिया. इस दौरान अधिकारी देखते रहे लोग उप्पात मचाते रहे.

तब सूचना पाकर नगर थानाध्यक्ष सोना प्रसाद सिंह, मुफस्सिल थानाध्यक्ष अनंत राम, दारोगा अरुण कुमार, दिनबंधु झा, सदर प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिंस कुमार, एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद भारी संख्या में दल-बल के साथ पहुंचे. हंगामा कर रहे लोगों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लोग चिकित्सक की गिरफ्तारी की मांग पर अड़े हुए थे. इन पदाधिकारियों ने आश्वासन भी दिया कि चिकित्सक की गिरफ्तारी करते हैं, थोड़ा धैर्य रखें. लेकिन लोग नहीं माने और जबरन क्लिनिक के अंदर प्रवेश कर जो भी सामान मिला, उसे प्रशासन के सामने ही तोड़ डाला. यहां तक कि क्लिनिक में आग लगाने की कोशिश की गयी. लेकिन, सुरक्षा बलों ने सूझबूझ से काम लिया. इस क्रम में जब एसडीओ कुछ करने से लाचार हो गये, तो घटना की सूचना डीएम व एसपी को दी. फिर डीएम व एसपी पहुंचे और लाठी चार्ज कर दी. तब जाकर मामला शांत हुआ. हालांकि, खबर लिखे जाने तक प्रशासन व चिकित्सक के खिलाफ लोगों का गुस्सा है.

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