ओबरा (औरंगाबाद). ओबरा प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीयकृत इंटर विद्यालय में कमरे की कमी से छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने में परेशानी हो रही है. विद्यालय परिसर में तीन कमरों का निर्माण कराने हेतु विभाग द्वारा वर्ष 2009-10 में रुपये मुहैया कराया गया था. लेकिन तत्कालीन प्रधानाध्यापक ललन प्रसाद द्वारा कुछ ही काम करा कर निर्माण कार्य को बंद करा दिया गया था.
उसके बाद से भवन निर्माण का कार्य अधूरा पड़ा. जबकि, इंटर विद्यालय में 100 से अधिक छात्रों का नामांकन है. विद्यालय में मात्र तीन शिक्षक राहुल, ममता कुमारी व अंशु रानी की पदस्थापना है.
कमरे के अभाव में छात्रों को बरामदे व खुले में पढ़ने को विवश हैं. विद्यालय के प्रधानाध्यापक दिनेश्वर प्रसाद सिंह ने बताया कि तत्कालीन प्रधानाध्यापक द्वारा 26 लाख में मात्र पांच लाख रुपये खर्च किये गये. शेष रुपये उनके द्वारा किसी कारणवश चेक के माध्यम से विभाग को वापस कर दिया गया था. पहले के जजर्र भवन में छात्रों का पठन-पाठन कराया जाता है.
