लेकिन, जिले के अधिकतर बूथों पर बीएलओ नजर नहीं आये. सबसे आश्चर्यजनक बात तो यह है कि औरंगाबाद को जो वीआइपी मतदान केंद्र जिला पर्षद भवन है. लेकिन, इस बूथ पर भी न तो विशेष शिविर का आयोजन किया गया और न ही दोपहर एक बजे तक कोई बीएलओ उपस्थित थे. जब प्रभात खबर की टीम जिला पर्षद भवन स्थित मतदान केंद्र पर पहुंची, तो सन्नाटा पसरा हुआ था. न तो बीएलओ पहुंचे थे और न ही कोई मतदाता. यही नजारा जिला पशुपालन केंद्र पर भी देखने को मिला. यहां भी यही स्थिति थी.
निर्वाचन आयोग का स्पष्ट निर्देश है कि बीएलओ अपने-अपने बूथो पर विशेष शिविर आयोजित कर नये मतदाताओं का नाम अंकित करने, हटाने व मतदाता सूची में संशोधन करने करेंगे. लेकिन, अधिकतर बूथों पर बीएलओ नहीं आये. उपनिर्वाची पदाधिकारी जयकिशोर सिंह ने बताया कि जिले के 1646 बूथों पर विशेष शिविर आयोजन करने का निर्देश बीएलओ को दिया गया था. सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बूथों पर उपस्थित रहकर बीएलओ को मतदाताओं को जानकारी देनी थी. कौन बूथ पर बीएलओ उपलब्ध थे या नहीं, इसकी रिपोर्ट देर शाम मिलेगी. इसके बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
