बीमारियों से बचने के लिए टीकाकरण अभियान सात से, टीके के लिए बने 421 केंद्र
औरंगाबाद कार्यालय: अप्रतिरक्षित व आंशिक रूप से प्रतिरक्षित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सघन टीकाकरण अभियान सात जून से प्रारंभ होगा. शनिवार को सूचना भवन में प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी नवीनचंद्र झा ने बताया कि पोलियो, टीबी, काली खांसी, टेटनस, हेपेटाइटिस बी, हिमोफिलस, खसरा व जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों से बचने […]
औरंगाबाद कार्यालय: अप्रतिरक्षित व आंशिक रूप से प्रतिरक्षित बच्चों के लिए मुख्यमंत्री सघन टीकाकरण अभियान सात जून से प्रारंभ होगा. शनिवार को सूचना भवन में प्रेसवार्ता में यह जानकारी देते हुए जिला पदाधिकारी नवीनचंद्र झा ने बताया कि पोलियो, टीबी, काली खांसी, टेटनस, हेपेटाइटिस बी, हिमोफिलस, खसरा व जापानी इंसेफ्लाइटिस जैसी जानलेवा बीमारियों से बचने के लिए यह सघन टीकाकरण अभियान चार महीनों तक लगातार चलाया जायेगा. इसमें किसी भी कारण से प्रतिरक्षण से वंचित बच्चों का टीकाकरण किया जायेगा. जिले में प्रतिरक्षण की उपलब्धि काफी अच्छी है, फिर भी 10 प्रतिशत बच्चे छूट रहे हैं. ऐसी ही बच्चों के लिए जिले के 421 केंद्रों पर सघन टीकाकरण अभियान चलाया जायेगा.
इस टीकाकरण अभियान में हर हाल में बच्चों को टीकाकरण हेतु माइक्रो प्लान तैयार किया गया है. वैसे क्षेत्रों में नोबलाइजर को लगाया गया है, जो प्रतिरक्षण से वंचित रहे सारे बच्चों को उन केंद्रों तक लाकर प्रतिरक्षित कराये जाने का कार्य करे. पूछे जाने पर जिलाधिकारी ने बताया कि गत वर्ष जिले के 88 प्रतिशत से अधिक बच्चों का टीकाकरण हुआ है. गत वर्ष का लक्ष्य 67 हजार 514 था. जिलाधिकारी ने माइक्रो प्लान का अवलोकन करते हुए उसे सीएस से फिर से बढ़ाने का निर्देश दिया.
उन्होंने वैसे हर बच्चों के माता-पिता से चार माह तक चलने वाले इस अभियान में बच्चों का टीकाकरण कराने की सलाह दी है, जिनका अब तक किसी भी कारण से टीकाकरण नहीं हो पाया है. प्रेसवार्ता में सिविल डॉ परशुराम भारती, एसीएमओ डॉ रामदेव दास, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ मिथिलेश सिंह, डब्ल्यूएचओ की एसएमओ डॉ पूजा त्रिपाठी, डीपीआरओ राजेश कुमार व अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.