वहीं वार्ड में जितने भी सरकारी चापाकल हैं, उनमें से अधिकतर चापाकल बंद पड़े हैं. इस कारण लोगों को काफी परेशानी हो रही है. लोगों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है. सोमारू बिगहा के लोगों को काफी दूर पंचायत क्षेत्र में पड़ने वाले सूजा कर्मा गांव से पानी लाना पड़ रहा है. फिलहाल सोमारू बिगहा में तीन चापाकलों में से एक चालू हालत में है, मगर वह भी सिर्फ कहने को. काफी मशक्कत करने के बाद इससे एक बालटी पानी निकल रहा है. यही हालत पूरे वार्ड क्षेत्र की है. इस स्थिति में पानी बिना लोगों के कंठ सूख रहे हैं. पेयजल की समस्या के प्रति राहत दिलाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किये जाने पर जनप्रतिनिधियों के प्रति लोगों में आक्रोश भी है.
वार्ड नंबर चार: सरकारी चापाकलों से पानी निकलना बंद, पानी बिना सूख रहे कंठ
औरंगाबाद (कोर्ट): शहर के वार्ड नंबर चार के लोग पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं. इस वार्ड के क्षेत्र में भी जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण अधिकतर चापाकल बंद पड़ गये हैं. इस वार्ड में कुछ ही ऐसे संपन्न लोग हैं, जिनके घरों में सबमर्सिबल लगा है, लेकिन जलस्तर खिसकने के […]

औरंगाबाद (कोर्ट): शहर के वार्ड नंबर चार के लोग पेयजल के संकट से जूझ रहे हैं. इस वार्ड के क्षेत्र में भी जलस्तर काफी नीचे चला गया है, जिसके कारण अधिकतर चापाकल बंद पड़ गये हैं. इस वार्ड में कुछ ही ऐसे संपन्न लोग हैं, जिनके घरों में सबमर्सिबल लगा है, लेकिन जलस्तर खिसकने के कारण वह भी बंद होने के कगार पर हैं. सबमर्सिबल से इतना कम मात्र में पानी निकलता है कि पानी की टंकी को भरने में एक घंटे से भी अधिक समय लगता है.
पानी की काफी समस्या है. घर के आसपास तीन-चार चापाकल है. पर जलस्तर नीचे चले जाने से एक को छोड़कर सारे चापाकल बंद पड़ गये हैं. एक चापाकल जो चालू हालत में है, वह भी कब दम तोड़ दे, कहा नहीं जा सकता. किसी तरह पानी की जुगाड़ कर हमलोग जिंदा है.
नगीना राम, स्थानीय निवासी