पानी नहीं है हल्ला बोल प्रशासन कान खोल

औरंगाबाद (नगर): जिला मुख्यालय में तेजी से घट रहे जल स्तर व सूख रहे आम लोगों के कंठ को लेकर सोमवार को दो दल के लोगों ने शहर में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. एक दल का नेतृत्व जदयू के विधान पार्षद रंजन कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह कर रहे थे, तो दूसरे दल का नेतृत्व समाजसेवी […]

औरंगाबाद (नगर): जिला मुख्यालय में तेजी से घट रहे जल स्तर व सूख रहे आम लोगों के कंठ को लेकर सोमवार को दो दल के लोगों ने शहर में आक्रोशपूर्ण प्रदर्शन किया. एक दल का नेतृत्व जदयू के विधान पार्षद रंजन कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह कर रहे थे, तो दूसरे दल का नेतृत्व समाजसेवी सह हिंदू युवा के प्रांत संयोजक अनिल कुमार सिंह कर रहे थे. दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ शहर में प्रदर्शन करते हुए समाहरणालय के मुख्य द्वार पहुंचे, जहां समाहरणालय के सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों ने दोनों दल के लोगों को समाहरणालय में प्रवेश करने पर रोक दिया. हालांकि, प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस को दरकिनार कर समाहरणालय के अंदर प्रवेश कर गये और जिला प्रशासन के विरोध में जमकर नारेबाजी की.

हिंदू युवा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे लोग हाथ में बालटी, डब्बा, गैलन लिए हुए समाहरणालय में पहुंचे और कहा कि पानी नहीं है हल्ला बोल, जिला प्रशासन कान खोल, हवा पानी दे न सकी तो वो सरकार निक्कमी है आदि नारे लगाये. इस दौरान उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए हिंदू युवा के प्रांत संयोजक अनिल कुमार सिंह ने कहा कि जब से जसोइया मोड़ पर सीमेंट फैक्टरी लगा है तब से पानी की समस्या उत्पन्न हो गयी है. शहर के सभी मुहल्लों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है. बोरिंग व चापाकलों से पानी निकलना बंद हो गया है.

शहर के सवा लाख लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं. आम लोगों का विश्वास है कि सीमेंट फैक्टरी द्वारा भूमिगत जल का दोहन कर इसका व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है. कई लोगों ने इस समस्या को उठाया इसके बावजूद जिला प्रशासन द्वारा कार्रवाई नहीं की गयी. इस प्रदर्शन में ओमप्रकाश शर्मा, आशुतोष शर्मा, मनीष सिंह, सुदेश्वर पासवान, गौरव शर्मा सहित अन्य शामिल थे. वहीं जदयू के विधान पार्षद मुन्ना सिंह ने कहा कि शहर के ऐसा कोई मुहल्ला नहीं है जहां चापाकल से पानी निकल रहा है.

जो चापाकल जेठ के महीने में श्री सीमेंट लगने से पहले पर्याप्त पानी देता था आज उस चापाकल की स्थिति यह है कि एक बूंद पानी भी नहीं निकल पा रहा है. शहर के लोग पानी के लिए तरस रहे हैं. कई मुहल्लों की हालात यह है कि रतजगा कर पानी के जुगाड़ करने में लोग लगे रहते हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा इस पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. यही नहीं जो सरकारी बोरिंग है वह भी बंद पड़ा हुआ है. दोनों दलों के कार्यकर्ताओं के तेवर देखते हुए एसडीओ भीम प्रसाद, एडीएम सुरेश प्रसाद साह पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे लोगों को आश्वासन दिया कि शीघ्र ही इस पर विचार किया जायेगा और शहरवासियों को पानी उपलब्ध कराया जायेगा, तब जाकर लोग शांत हुए.

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