सहकारिता विभाग ने पैक्सों को 500 करोड़ का सीसी दिया. अगले चार साल तक 100 करोड़ की दर से सीसी में रुपये बढ़ाये जायेंगे. समर्थन मूल्य, खाद की उपलब्धता समेत अन्य संसाधनों पर अधिप्रािप्त का लक्ष्य केंद्र सरकार तय करती है. अधिप्राप्ति में पूरी ईमानदारी व पारिदर्शिता बरतने के नियम बनाये गये. एक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि बिहार में सबसे अधिक धान की अधिप्राप्ति औरंगाबाद जिले में हुई है. इसकी जांच चल रही है. रिपोर्ट आने पर जो भी दोषी पाये जायेंगे उनके विरुद्ध कार्रवाई की जायेगी. रजिस्ट्रार ने दो दिन स्वयं रह कर धान खरीदारी का जांच औरंगाबाद में की है. गोह व हसपुरा में भी पदाधिकारी कैंप कर चुके है. मंत्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि जो बिचौलिये होंगे वे किसी भी सूरत में बख्शे नहीं जायेंगे. बल्कि जेल भेजे जायेंगे.
लक्ष्य से अधिक धान की हुई खरीद
औरंगाबाद (नगर) . बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा है कि किसानों के उत्पादन का मात्र 50 प्रतिशत ही फसल को कोई भी सरकार खरीद सकती है. इससे ज्यादा खरीदारी करना राज्य सरकार के वश से बाहर की है. उक्त बातें शनिवार को राजद के प्रदेश महासचिव डॉ प्रकाश चंद्रा के […]

औरंगाबाद (नगर) . बिहार सरकार के सहकारिता मंत्री जय कुमार सिंह ने कहा है कि किसानों के उत्पादन का मात्र 50 प्रतिशत ही फसल को कोई भी सरकार खरीद सकती है. इससे ज्यादा खरीदारी करना राज्य सरकार के वश से बाहर की है. उक्त बातें शनिवार को राजद के प्रदेश महासचिव डॉ प्रकाश चंद्रा के आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही. सहकारिता मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने 20 लाख एमटी धान खरीदने का लक्ष्य दिया था. लेकिन, राज्य सरकार ने उसे बढ़ा कर 30 लाख मीटरिक टन धान का क्रय किया.
बाजार दर व क्रय केंद्र दर की दूरी भी बढ़ती जा रही है. प्रभात खबर द्वारा पूछे गये सवाल के जवाब में कहा कि बिहार में प्रत्येक माह ढाई लाख मीटरिक टन चावल की खपत है और केंद्र सरकार सहयोग नहीं कर रही है. बल्कि जो रुपये मिलने वाली थी, उसे भी रोक दी है. केंद्र सरकार द्वारा जितना जल्द बकाये रुपये मिलेगा, उतना ही जल्द किसानों को धान के बकाये रुपये दे दिया जायेगा. पहली बार बड़े पैमाने पर पूरे प्रदेश में जांच करायी जा रही है. कड़ी निगरानी व कार्रवाई की आवश्यकता महसूस की जा रही है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार खुद इसके लिए गंभीर हैं.