खेल मैदान नहीं रहने से बच्‍चे खेलने को तरसते

दाउदनगर : पटेल इंटर विद्यालय दाउदनगर में खेल का मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को खेलने के लिए तरसना पड़ता है. 1980 में स्थापित इस विद्यालय के लिए अंकोढ़ा के ग्रामीणों ने जमीन दान में दिया था. इस पर भवन स्थापित है. इस विद्यालय से अब तक हजारों विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर देश […]

दाउदनगर : पटेल इंटर विद्यालय दाउदनगर में खेल का मैदान नहीं होने से विद्यार्थियों को खेलने के लिए तरसना पड़ता है. 1980 में स्थापित इस विद्यालय के लिए अंकोढ़ा के ग्रामीणों ने जमीन दान में दिया था. इस पर भवन स्थापित है. इस विद्यालय से अब तक हजारों विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई पूरी कर देश विदेश में नौकरी कर रहे है.
अपने स्थापना काल से पठन-पाठन में विद्यालय ने अपना कीर्तिमान बनाये रखा.पहले विद्यालय के चारों तरफ खुला मैदान था,जिसमें विद्यार्थी फुटबॉल वगैरह खेलते थे.धीरे-धीरे पूरे मैदान में मकान बन गया,जिसके बाद बच्‍चों को खेलने का मैदान खत्म हो गया. चुकी जमीन दूसरों की थी.
अब तो विद्यालय जाने के लिए रास्ता भी काफी संकीर्ण हो गया है. शिक्षक विजय शर्मा ने बताया कि खेल से बच्‍चों के मानसिक विकास में बल मिलता है तथा शरीर भी स्वस्थ होता है. इसलिए खेल का मैदान रहना आवश्यक है. पर, इस विद्यालय में जमीन की कमी के कारण खेल का मैदान नहीं है. इससे बच्‍चों को परेशानी होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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