स्वर्ण व्यवसायी की मां ने दर्ज करायी हमले की प्राथमिकी, कहा
कुटुंबा (औरंगाबाद) : अंबा के औरंगाबाद रोड में स्वर्ण व्यवसायी उमाशंकर सोनी पर हमला के मामले में बुधवार को अंबा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गयी. घटना के संबंध में उमाशंकर की मां शीला देवी ने बताया कि शाम को दरवाजा बंद कर रही थी, तभी बेटे की चीखने की आवाज आयी. जब बाहर निकली तो देखा कि बेटा पास के उमा गुप्ता के घर के बाहर ओटे पर छटपटा रहा है. उसके पास जाकर जब पूछी तो बताया कि पहले इलाज करा बाद में बतायेंगे. उसके दोनों पंजरे से खून निकल रहा था.
पहले तो ऐसा लगा कि कोई धारदार हथियार से उस पर जानलेवा हमला किया गया है. बाद में पुलिस ने घटनास्थल से कारतूस व खोखा भी बरामद किया. आवेदन में किसी तरह की लूट का जिक्र नहीं किया गया है. शीला देवी ने पुलिस को बताया कि घटना से संबंधित अन्य जानकारी इलाज के बाद उमा शंकर ही बतायेगा. थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने बताया कि उमाशंकर की मां के बयान पर दर्ज प्राथमिकी के आलोक में कार्रवाई की जायेगी.
उमाशंकर पर हमले को लेकर हो रही राजनीति
मंगलवार की शाम आभूषण व्यवसायी उमा शंकर सोनी पर हुए हमले में बुधवार को कई तरह की राजनीति हुई. मामले नेताओं ने प्रतिवाद मार्च निकाल कर विरोध जताया तो व्यवसायियों ने बैठक कर मामले पर विचार किया. कई लोगों ने सड़क जाम करने का प्रयास भी किया. इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने थानाध्यक्ष का पुतला फूंका तो अभाविप के सदस्यों ने भी घटना के विरोध में नारेबाजी कर विरोध जताया. माले नेता सरकार के खिलाफ नारे लगा कर भड़ास निकाले. व्यवसायियों ने बैठक कर सुरक्षा को बढ़ाने के उद्देश्य से थानाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपा. कांग्रेस नेताओं ने अंबा थानाध्यक्ष को निशाना बनाया.
वे पुतला दहन कर उनके खिलाफ नारेबाजी करते हुए थानाध्यक्ष को हटाने की मांग कर रहे थे. इधर अभाविप के सदस्य पटना में हुई पिटाई से आक्रोशित थे. वे केवल बिहार सरकार को दोषी ठहरा रहे थे. ऐसे में सबका अलग-अलग मुदा दिखा. किसी ने केवल बिहार सरकार की तो किसी ने थानाध्यक्ष को. हालांकि घटना के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल थी. इससे स्पष्ट है कि पुलिस पेट्रोलिंग में थी जो सूचना पाते ही पहुंच गयी.
घटना के बाद से सहमे हैं व्यवसायी
पिछले वर्ष जनवरी में अंबा में कई बार गोलीबारी होने से अंबा के व्यवसायियों में आतंक सा हो गया था. व्यवसायी शाम ढलते ही अपनी दुकान बंद कर लेते हैं. यह सिलसिला कई महीनों तक चला. क्षेत्र के कई अपराधी जब पुलिस के चंगुल में चले गये तो लोगों के मन में शांति हुई. विगत कई महीनों से लोगों के मन से डर समाप्त हो गया था. देर शाम तक लोग बाजार में घूमने चलने लगे. मंगलवार की शाम की घटना के बाद से लोगों के मन में एक बार फिर तनाव उत्पन्न होने लगा है. व्यवसायी फिर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. पुलिस को इन दिनों सजगता बढ़ाने की जरूरत है. थानाध्यक्ष अरुण कुमार ने लोगों को सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया है.
हमले को लेकर विद्यार्थी परिषद ने जताया विरोध
मामले को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के सदस्यों ने भी विरोध जताया. परिषद के कॉलेज अध्यक्ष भोदु सिंह के नेतृत्व में सदस्यों ने जम कर नारेबाजी की और कहा कि सरकार शिक्षा के बदले अपराध का बढ़ावा दे रही है. इस मौके पर राजू, बिटु, जितेंद्र, पंकज, नेसार, सुमन आदि थे. इधर पूर्व मंत्री सह भाजपा नेता डॉ सुरेश पासवान ने घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि पुलिस की लापरवाही का यह नतीजा है. उन्होंने कहा कि सूबे में अपराधी बेलगाम हो गये हैं. उन्होंने अपराधियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है.
अपराधियों को गिरफ्तार करने की मांग
जानलेवा हमले को लेकर अंबा के व्यवसायियों ने एक बैठक ओम सोनी की अध्यक्षता में हुई. व्यवसायियों ने इस तरह की आपराधिक घटना पर प्रतिक्रिया जाहिर की और कहा कि अंबा में इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति हो रही है. इसके लिए पुलिस को आगे आना होगा.
हालांकि, घटना के तुरंत बाद पुलिस घटनास्थल पर पहुंच चुकी थी. बैठक में लिए गये निर्णय के आलोक में व्यवसायियों ने एक ज्ञापन अंबा थानाध्यक्ष अरुण को सौंपा और कार्रवाई करते हुए अविलंब गिरफ्तारी की मांग की. ज्ञापन मुखिया प्रतिनिधि ओम प्रकाश गुप्ता व ओम सोनी के नेतृत्व में शिष्टमंडल ने सौंपा. थानाध्यक्ष ने कहा कि पुलिस कार्रवाई में लगी है. आप इसमें पुलिस का सहयोग करें. उन्होंने कहा कि जल्द ही घटना की छानबीन कर कार्रवाई की जायेगी.
