खेत से धान काटने को लेकर हुआ था विवाद उत्पन्न
औरंगाबाद नगर : बुधवार को अपर जिला व सत्र न्यायाधीश (तृतीय) राजकुमार प्रसाद की अदालत ने जानलेवा हमला मामले की सुनवाई करते हुए 20 वर्ष बाद पांच आरोपितों को 10 वर्ष की सश्रम कारावास की सजा सुनायी है. वहीं, पांच हजार का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माने की राशि जमा नहीं करने पर चार माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी. यह फैसला गोह थाना कांड संख्या 115/88 की भादवि की धारा 147, 148, 149, 307 के तहत सुनाया है. पूरा मामला यह है कि 9 दिसंबर 1988 को गोह थाना क्षेत्र के लोहड़ी गांव में खेत से धान काटने को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ था.
पहले तो मामला अंचालधिकारी के पास पहुंचा था लेकिन अंचलाधिकारी के आदेश को दरकिनार करते हुए नन्हू बिंद, मुन्ना बिंद, जगदीश बिंद, विजय बिंद ने एकमत होकर गांव के रामचंद्र बिंद, बसंत बिंद, सावित्री देवी को लाठीडंडा व गड़ासा से प्रहार कर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था. इस घटना से संबंधित प्राथमिकी बसंत बिंद के बयान पर गोह थाने में दर्ज की गयी थी. 20 वर्षों तक चली सुनवाई के बाद वादी व प्रतिवादी के द्वारा प्रस्तुत किये गये गवाहों की बात सुनने के बाद न्यायाधीश ने 31 जुलाई को उक्त सभी आरोपितों को दोषी पाया था. अभियोजन पक्ष एपीपी यमुना प्रसाद सिंह व बचाव पक्ष के अधिवक्ता विरेंद्र दूबे की दलिले सुनने के बाद न्यायाधीश ने सजा सुनायी. यह जानकारी अधिवक्ता सतीश कुमार स्नेही ने दी.
