चिरैयाटांड़ दोहरा हत्याकांड. महिला की हत्या का आरोपित दूसरा पति गिरफ्तार
पांच सितंबर 2017 की सुबह चिरैयाटांड़ गांव के समीप मां-बेटे की हुई थी हत्या
पुलिस ने मुख्य आरोपित को पकड़ा, अन्य की तलाश जारी
पांच महीनों में सुलझी हत्याकांड की गुत्थी
औरंगाबाद कार्यालय : पांच सितंबर 2017 की सुबह चिरैयाटांड़ गांव के समीप सड़क पर मां-बेटे की हत्या करनेवाले अपराधियों की आखिरकार पहचान हो ही गयी. पुलिस ने इस दोहरे हत्याकांड की गुत्थी लगभग पांच माह में सुलझा लिया और हत्या करनेवाले महिला के दूसरे पति व उसके दोस्त को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे ढकेल दिया. अनुसंधान कर मामले को सुलझानेवाले नरारी थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार एसपी के हाथों पुरस्कृत होंगे.
एसपी डाॅ सत्यप्रकाश की माने तो प्रशांत को राज्यस्तर पर सम्मानित करने के लिए पुलिस मुख्यालय को लिखा जायेगा और स्पीडी ट्रायल चलाकर छह माह के भीतर हत्यारे भोला कुमार सोनी और जितेंद्र प्रसाद मोहित को सजा दिलायी जायेगी. वैसे घटना दोहरे प्रेम और फिर विवाह के बाद उत्पन्न हुए विवाद को लेकर हुई है. पुलिस ने हत्या में उपयोग होने वाले धारदार चाकू को बरामद कर लिया है.
क्या है मामला और कैसे हुआ खुलासा
जिस महिला की हत्या हुई थी उसका नाम आरती देवी है और वह नवीनगर प्रखंड के बसरा गांव के सुनील शर्मा की पत्नी थी. वर्ष 2017 में आरती-पूजा करने मां सतबहिनी मंदिर अंबा गई हुई थी और वही चरण गांव के भोला कुमार सोनी से पहली मुलाकात हुई और पहली मुलाकात प्यार में बदल गया. आरती अपनी शादीशुदा जिंदगी को भूल गयी और भोला से प्यार करने लगी. धीरे-धीरे यह बात उसके ससुराल व मायके तक पहुंच गयी. एक दिन भोला और आरती ने शादी कर ली और फिर आरती अपने ससुराल को छोड़कर उसके साथ रहने लगी. जब भोला को मालूम हुआ कि आरती गर्भवती है, तो उसके पैर के नीचे से जमीन खिसक गयी.
आखिरकार आरती ने एक बेटे को जन्म दिया, जिसके बाद आरती के साथ प्रताड़ना का दौर शुरू हो गया. भोला के मन में पहले से ही गर्भ में पल रहे बच्चे की टीस उसे जघन्य अपराध की ओर ढकेल दिया. परिवार और आरती के पहलेवाले ससुराल के लोगों का दबाव भी अलग था. समाज भी लगातार उसे दुत्कार रहा था. इसी दौरान वर्ष 2017 में आरती को भोला ने उसके पुराने ससुराल पहुंचा दिया. कुछ दिन आरती वहां रही और अपने ससुराल वालों को आश्वस्त किया कि अब सबकुछ ठीकठाक है. एक दिन अपने दूसरे पति भोला को फोन कर बताया कि वह डेहरी स्टेशन पर है और वह अब उसके साथ ही रहना चाहती है. कुछ दिन दोनों साथ रहे,
पर भोला अब आरती और उसके बच्चे को हटाने के फिराक में लग गया था. अपने दोस्त व रोहतास जिले के नासरीगंज के जितेंद्र प्रसाद मोही और चरण गांव के चंदन कुमार के साथ हत्या की योजना बनायी. चार सितंबर 2017 को उसने आरती को ससुराल ले जाने की बात कह उसके साथ निकल पड़ा. एनएच दो पर सिरिस के समीप उतरा और फिर उसे लेकर चिरैयाटांड़ पहुंचा गया, जहां सूअर के बखोर में ले जाकर भोला ने अपने दो दोस्तों के साथ चाकुओं से गोदकर मां-बेटे की हत्या कर दी और हत्या को आपराधिक घटना करार देने के लिए चंदन द्वारा लाये गये जहरीले केमिकल को उसके शरीर पर डाल दिया. यानी हत्या के समय भोला व उसके दोस्तों ने शव की पहचान मिटाने का हर संभव प्रयास किया और फिर मां-बेटे के शव को सड़क के किनारे फेंक दिया.
चौकीदार के बयान पर प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस ने शुरू की थी जांच : 5 सितंबर 2017 को चिरैयाटांड़ गांव के समीप मां-बेटे की हत्या कर शव फेंके जाने की सूचना कुछ लोगों ने नरारी थाने की पुलिस को दी. पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बरामद कर औरंगाबाद में पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी की. इसके बाद नरारी थाना के चौकीदार रामप्रवेश सिंह के बयान पर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी. एसपी डाॅ सत्यप्रकाश ने थानाध्यक्ष को जल्द मामले का खुलासा करने का निर्देश भी दिया था. थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार जैसे-जैसे इस केस में आगे बढ़ते गये वैसे-वैसे सुराग मिलता गया.
थानाध्यक्ष को पता चला कि महिला व उसके बेटे की हत्या में कोई सुनार शामिल है तो माली और चरण बाजार में हर सुनार दुकान की गहनता से छानबीन करने लगे. ग्राहक बनकर मामले को टटोलते रहे. इसी बीच कुछ सुराग हाथ लगा, तो पता चला कि भोला सोनी के साथ आरती का प्रेम चल रहा था. भोला को पहले पुलिस ने गिरफ्तार किया और जब उससे पूछताछ की तो पहले वह कुछ भी बताने से मुकरता रहा, पर पुलिसिया भय से वह टूट गया और फिर हत्या के कारणों का खुलासा कर दिया. अपराधियों की गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष के अलावे पुलिसकर्मी संतोष कुमार,प्रीतम कुमार यादव,महिला जवान रितु कुमारी,जया कुमारी शामिल थे. एसपी डा सत्यप्रकाश ने कहा कि घटना में शामिल अपराधी चंदन कुमार की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
