सांसद के बयान से भड़के अभ्यर्थियों ने किया आत्मदाह का प्रयास, पुलिस ने स्थिति संभाली
औरंगाबाद नगर : समाहरणालय में अनुसेवक बहाली प्रक्रिया में सांसद द्वारा रिश्वत लेने के आरोप को आधार बनाते हुए निगरानी को लिखे पत्र के विरुद्ध मंगलवार को अनुसेवक अभ्यर्थियों ने जम कर बवाल काटा. सांसद के इस कार्रवाई से आक्रोशित अनुसेवक अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी आवास के समक्ष सड़क पर केरोसिन छिड़क कर आत्मदाह करने का […]
औरंगाबाद नगर : समाहरणालय में अनुसेवक बहाली प्रक्रिया में सांसद द्वारा रिश्वत लेने के आरोप को आधार बनाते हुए निगरानी को लिखे पत्र के विरुद्ध मंगलवार को अनुसेवक अभ्यर्थियों ने जम कर बवाल काटा. सांसद के इस कार्रवाई से आक्रोशित अनुसेवक अभ्यर्थियों ने जिलाधिकारी आवास के समक्ष सड़क पर केरोसिन छिड़क कर आत्मदाह करने का प्रयास किया. हालांकि पदाधिकारियों की तत्परता के कारण अभ्यर्थी आत्मदाह करने में सफल नहीं हो सके.
जैसे ही अभ्यर्थी सोनू कुमार ने केरोसिन तेल लेकर अपने और अन्य साथियों के ऊपर छिड़क कर माचिस की तिल्ली जलाने का प्रयास किया वैसे ही वहां पर मौजूद एसडीओ सुरेंद्र प्रसाद, एसडीपीओ पीएन साहू के निर्देश पर नगर थानाध्यक्ष राजेश वर्णवाल सहित अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने सभी अभ्यर्थियों के हाथ से माचिस छिन ली.
इस दौरान पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी. हालांकि पुलिस माचिस और केरोसिन छीनने में सफल रही. इसके बावजूद अभ्यर्थी आत्मदाह करने पर अड़े रहे. पुलिस ने स्थिति को भांपते हुए गिरफ्तारी की कार्रवाई की. आत्मदाह करने का प्रयास कर रहे सभी अभ्यर्थी को थाने में ले जाया गया, जहां पीआर बांड भरवाने के बाद उन्हें जमानत पर छोड़ दिया गया.
इससे पूर्व अभ्यर्थियों ने गांधी मैदान से अर्धनग्न होकर जुलूस निकाला. जुलूस शहर के धर्मशाला चौक, जामा मस्जिद, रमेश चौक से गुजरी. इस बीच प्रदर्शनकारी सांसद के विरुद्ध नारेबाजी करते रहे. अनुसेवक अभ्यर्थियों को पुलिस ने पहले रमेश चौक पर रोकने का प्रयास किया. वहां मौजूद दंडाधिकारी सह नगर परिषद कार्यपालक पदाधिकारी विमल कुमार ने सभी अभ्यर्थियों को आगे बढ़ने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन अभ्यर्थी नारेबाजी करते हुए जिलाधिकारी के आवास के सामने तक पहुंच गये.
यहां पर पहले से मौजूद एसडीओ, एसडीपीओ सहित सैकड़ों पुलिस जवानों ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया जिसके बाद सभी अभ्यर्थी पुराना जीटी रोड के दोनों लेन पर खड़े होकर प्रदर्शन करने लगे. प्रदर्शन में शामिल अभ्यर्थियों का कहना था कि सांसद सुशील कुमार सिंह प्रदर्शनकारियों के समक्ष आकर की गयी शिकायत को वापस ले नहीं या फिर मीडिया में बयान दें कि जो भी उनके द्वारा कहा गया है वह वह गलत है. ऐसा उनके द्वारा नहीं किया गया तो आंदोलन जारी रहेगा.
प्रशासन ने आत्मदाह करने से उन्हें रोक दिया है लेकिन आगे चल कर अभ्यर्थी सांसद आवास के समक्ष आत्मदाह करेंगे. इस मौके पर रॉकी कुमार सिन्हा, राजीव रंजन, मनोज कुमार, ब्रजेश कुमार, हरिहर प्रसाद सहित कुल 65 अभ्यर्थी शामिल थे.
पहली बार किसी जनप्रतिनिधि के खिलाफ हो रहा है उग्र आंदोलन : जिले के इतिहास में पहली बार जनप्रतिनिधियों के खिलाफ लोगों ने नौकरी बहाली को लेकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन कर रहे हैं. पहले इस जिले में नौकरी प्रक्रिया को लेकर जिला प्रशासन व सरकार के खिलाफ आंदोलन करते आते थे लेकिन इस बार अनुसेवक अभ्यर्थी न जाने किसके इशारे पर इस तरह का आंदोलन कर रहे हैं. यह समझ से परे है और जांच का विषय है. पहले तो अभ्यर्थियों ने मशाल जुलूस निकाल कर सांसद सुशील कुमार सिंह का पुतला दहन किया. दूसरे दिन समाहरणालय के समक्ष प्रदर्शन किया. तीसरे दिन आत्मदाह करने की कोशिश की जिसे प्रशासन ने विफल कर दिया.
निगरानी को पत्र लिखे जाने पर क्यों भड़के हैं अभ्यर्थी : जब अनुसेवक बहाली में किसी पदाधिकारी व कर्मचारी द्वारा रिश्वत की मांग नहीं की गयी है तो वह निगरानी की जांच से क्यों डर रहे हैं.कहीं ऐसा तो नहीं जांच को दबाने के लिए वह दबाव की राजनीति का खेल खेल रहे हों. यदि सांसद ने बहाली प्रक्रिया को जांच करने के लिए निगरानी विभाग को पत्र लिखा है तो यह मामला सांसद एवं पदाधिकारी के बीच का है. इसमें अभ्यर्थियों को सड़क पर आने से पहले पूरी प्रक्रिया को जांच परख लेनी चाहिए थी.