आत्मदाह की कोशिश करने वाले कैसे जानते हैं कि उनकी नियुक्ति होनेवाली थी : सांसद

औरंगाबाद : सांसद सुशील कुमार सिंह की ओर से अनुसेवक भर्ती मामले में निगरानी विभाग को पत्र लिखे जाने के बाद शहर में बवाल व अभ्यर्थियों द्वारा आत्मदाह की कोशिश किये जाने की घटना पर सांसद ने भी अपनी बात रखी है.सांसद सुशील कुमार सिंह का कहना है कि आंदोलन व आत्मदाह की कोशिश करने […]

औरंगाबाद : सांसद सुशील कुमार सिंह की ओर से अनुसेवक भर्ती मामले में निगरानी विभाग को पत्र लिखे जाने के बाद शहर में बवाल व अभ्यर्थियों द्वारा आत्मदाह की कोशिश किये जाने की घटना पर सांसद ने भी अपनी बात रखी है.सांसद सुशील कुमार सिंह का कहना है कि आंदोलन व आत्मदाह की कोशिश करने वाले अभ्यर्थी कैसे जानते हैं कि उनकी ही नियुक्ति होने वाली थी. सांसद ने कहा कि उनके द्वारा जो पत्र लिखा गया है उसमें नियुक्ति के विरोध में नहीं बल्कि भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने की बात कही गयी है. शिकायत किसी और ने नहीं बल्कि कुछेक अभ्यर्थियों ने की थी.

उनकी शिकायत को आधार बना कर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए निगरानी को पत्र लिखा गया था. कुछ अभ्यर्थियों ने बताया कि नियुक्ति की प्रक्रिया स्थापना से न करा कर भू-अर्जन विभाग के द्वारा करायी जा रही है. जब सरकार ने नियुक्ति के लिए स्थापना विभाग को अधिकृत किया है तो भू-अर्जन से क्यों. इसके लिए पत्र लिखा गया. शिकायत के बाद भ्रष्टाचारियों के बीच खलबली मच गयी है. पुतला दहन सैकड़ों बार करवा सकते हैं पर किसी को वह बड़ा नहीं बनाना चाहते हैं. यह साजिश है. सांसद ने कहा कि उन्हें पता चला है कि नियुक्ति का आदेश उच्च न्यायालय से संभवत: एक वर्ष पहले ही आया था, फिर क्यों उसे रोक कर रखा गया. अभ्यर्थियों के साथ हर हाल में न्याय होगा. इसके लिए चाहे जो भी सजा भुगतनी पड़े. सांसद ने कहा कि कुछ अभ्यर्थी दिग्भ्रमित हो गये हैं और किसी के बहकावे में आ गये हैं. ब्लैकमेल करने से कुछ होने वाला नहीं है. भ्रष्टाचार के खिलाफ हमारा संघर्ष जारी रहेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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