शुद्ध पानी के के लिए तरस रहे शहर के लोग
हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं विभागीय अधिकारी
रफीगंज : रफीगंज में जलमीनार हाथी के दांत बन कर रह गया है. सरकार द्वारा जब जलमीनार का निर्माण हुआ तो शहरवासियों को काफी खुशी हुई थी कि उन्हें पीने योग्य पानी मिलेगा, लेकिन उनकी वह खुशी धरी की धरी रह गयी. पीएचइडी विभाग द्वारा महादेव स्थान में जलमीनार पर पानी चढ़ाने के लिए बोरिंग की गयी,
लेकिन जलमीनार पर पानी नहीं चढ़ सका. इसके बाद स्थानीय जदयू विधायक अशोक कुमार सिंह के प्रयास से 6 वर्ष पूर्व डाक बंगला मैदान के पास बोरिंग की गयी, फिर भी सफलता नहीं मिली. इसके बाद विभाग ने प्रयास करना छोड़ दिया और हाथ पर हाथ धर कर बैठ गये. बताया जाता है कि रफीगंज शहर में मोटर, चापाकल से खारा पानी निकलता है, जो पीने योग्य नहीं होता. इस पानी का सेवन करने से यहां के लोगों में फाइलेरिया,
बाल पकना आदि रोग उत्पन्न हो जाते हैं ,जिसके कारण चापाकल का पानी लोग इस्तेमाल नहीं करते हैं. कारण लोगों को ऊंची कीमत पर फिल्टर का पानी खरीदना पड़ रहा है. संभ्रांत लोग तो कीमत चुका कर पानी खरीदते हैं, लेकिन सबसे ज्यादा परेशानी मध्यवर्गीय व नीचे तबके के लोगों को होती है. यही पानी पीकर लोग बीमारी के शिकार होते जा रहे हैं. एक तरफ सरकार द्वारा हर घर नल एवं जल की व्यवस्था किये जाने का दंभ भरा जा रहा है ,लेकिन करोड़ों रुपये की लागत से बना जलमीनार में पानी की व्यवस्था अब तक नहीं की गयी. लोगों का कहना है कि जलमीनार में पानी की व्यवस्था हो जाती है तो बहुत बड़ी समस्या शहर वासियों की दूर हो जायेगी. सुनील कुमार ,शिव पूजन सिंह ,रंजीत कुमार ,मनोज दिनेश कुमार,रंजन कुमार उर्फ पारो, अनिल जैन सहित स्थानीय लोगों का कहना है कि जलमीनार को शुरू करने के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया गया है. साथ ही मौखिक रूप से भी अधिकारियों को उक्त समस्या के बारे में बताया गया है. स्थानीय लोगों ने जिला पदाधिकारी से जलमीनार को जल्द चालू कराने की मांग की है .
