घुरनडीह में जमीन के विवाद को लेकर भिड़े, एक की गयी जान, एक लहूलुहान

खून-खराबा. पटवन के दौरान सक्शन पाइप फटने पर बढ़ा था मामला साढ़े चार एकड़ जमीन को लेकर चल रहा विवाद औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र के गोलहा टोले घुरनडीह गांव में अपनों ने ही अपने की जान ले ली. साढ़े चार एकड़ जमीन को लेकर एक ही परिवार के बीच चल […]

खून-खराबा. पटवन के दौरान सक्शन पाइप फटने पर बढ़ा था मामला

साढ़े चार एकड़ जमीन को लेकर चल रहा विवाद
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले के ढिबरा थाना क्षेत्र के गोलहा टोले घुरनडीह गांव में अपनों ने ही अपने की जान ले ली. साढ़े चार एकड़ जमीन को लेकर एक ही परिवार के बीच चल रहा विवाद उस समय गहरा गया, जब मामूली सेक्शन पाइप पटवन के दौरान फट गया. फिर तो न कोई भाई दिखा और न ही कोई चाचा व दादा. एक ही जगह पर अलग-अलग कमरों में रहने वाले भाई व भतीजे एक दूसरे पर टूट पड़े. फिर इसका परिणाम एक को जान देकर चुकानी पड़ी. मारपीट में सिकेश्वर यादव की मौत हो गयी. वहीं, मृतक सिकेश्वर यादव के भाई रामधनी सिंह गंभीर रूप से घायल हो गये. यह घटना शनिवार की है. मारपीट में जख्मी हुए सिकेश्वर यादव की मौत पटना के एक अस्पताल में सोमवार की सुबह हो गयी. सदर अस्पताल में पोस्टमार्टम कराने के लिए शव लेकर पहुंचे परिजनों ने पूरी कहानी बतायी.
संबंधित मामले की प्राथमिकी ढिबरा थाना में दर्ज करायी गयी है. थानाध्यक्ष दीप नारायण सिंह ने बताया कि मारपीट में जख्मी हुए रामधनी सिंह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में मुखदेव यादव,लखन यादव, उदय यादव,रंजय यादव, मंटू यादव को आरोपित बनाया गया है. पुलिस ने उदय यादव को गिरफ्तार कर जेल भी भेज दिया है. जानकारी के अनुसार चार भाइयों में सिकेश्वर यादव और रामधनी सिंह एक तरफ रहते थे,जबकि लखन यादव और मुखदेव यादव एक तरफ. इन दोनों के बीच वर्षों से भूमि विवाद चल रहा था. कई दफे मारपीट की भी घटना घटी है.
बेटी के सहारे जिंदा थे सिकेश्वर : मारपीट में मौत की आगोश में समा चुके सिकेश्वर यादव अपनी पत्नी और भाई के साथ रहते थे. सिकेश्वर की मात्र एक बेटी गीता कुमारी है, जिसकी शादी भरकुर गांव के अनिल कुमार से की थी. शव लेकर सदर अस्पताल पहुंचे दामाद अनिल और पत्नी ने बिलखते हुए पुलिस प्रशासन के समक्ष न्याय की गुहार लगायी.
10 साल पहले रामधनी की पत्नी की भी हुई थी हत्या
सगे भाइयों के बीच जमीन का विवाद इस तरह गहराया है कि अब तक दो लोगों की जान चली गयी है. सिकेश्वर यादव की हत्या के दस साल पहले सिकेश्वर के साथ रहने वाले रामधनी यादव की पत्नी की भी हत्या कर दी गयी थी. शव गांव के ही आहर से दो दिन बाद बरामद किया गया था. सबसे बड़ी बात यह है कि सिकेश्वर यादव व मुखदेव यादव के बीच चले आ रहे विवाद की जानकारी स्थानीय पुलिस से लेकर एसपी के जनता दरबार तक दी गयी, पर विवादों का पटाक्षेप पुलिस द्वारा नहीं कराया गया.
पंचायत के मुखिया विकास यादव ,राजद नेता उदय उज्जवल ,रवि कुमार रवि,वीरेंद्र यादव आदि लोगों की माने तो पुलिस को कार्रवाई करनी चाहिए थी ताकि किसी तरह की कोई घटना नहीं हो.
योजनाओं को धरातल पर उतारें अधिकारी : डीएम

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