मांगों को लेकर संविदा कर्मी गये हड़ताल पर, स्वास्थ्य सेवाएं बाधित, मरीज परेशान

हड़ताल. मांगों को लेकर जिलेभर के स्वास्थ्य संविदाकर्मियों ने नहीं किया काम औरंगाबाद नगर : स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत सोमवार से हड़ताल पर चले गये हैं. बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ बिहार पटना के आह्वान पर बिहार राज्य […]

हड़ताल. मांगों को लेकर जिलेभर के स्वास्थ्य संविदाकर्मियों ने नहीं किया काम

औरंगाबाद नगर : स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर कार्यरत पदाधिकारियों एवं कर्मियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर घोषित चरणबद्ध आंदोलन के तहत सोमवार से हड़ताल पर चले गये हैं. बिहार राज्य स्वास्थ्य संविदा कर्मी संघ बिहार पटना के आह्वान पर बिहार राज्य के सभी जिलों में संविदा स्वास्थ्य द्वारा सामूहिक हड़ताल किया जा रहा है. जिला अंतर्गत सभी जिला स्वास्थ्य समिति से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्र स्तर तक कार्यरत संविदा कर्मी सामूहिक रूप से हड़ताल पर हैं.
इस क्रम में सदर अस्पताल औरंगाबाद में संविदा कर्मियों द्वारा धरना प्रदर्शन किया गया. जिला शाखा अध्यक्ष मनोज कुमार शर्मा ने बताया कि प्रखंड स्तर पर भी सभी संस्थानों में शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जा रहा है.
हड़ताल से जिला एवं प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई में कार्यरत सभी पदाधिकारी एवं कर्मी, सभी संस्थानों के अस्पताल प्रबंधक स्वास्थ्य प्रबंधन, लेखापाल, प्रखंड सामुदायिक उत्प्रेरक, परिवार कल्याण परामर्शी एवं अन्य प्रबंधकीय पदों पर कार्यरत संविदा कर्मी, दंत चिकित्सक, आयुष चिकित्सक, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत आयुष चिकित्सक, एएनएम व फार्मासिस्ट, पुनरीक्षित यक्ष्मा नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत प्रयोगशाला प्रावैधिक एसटीएस, डाटा ऑपरेटर व अन्य स्वास्थ्य कर्मी, कार्यालय सहायक, डाटा ऑपरेटर आशा, कूरियर, ममता सहित कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के माध्यम से होने वाले पत्र व्यवहार, संचिका निष्पादन, रिपोर्टिंग एवं पर्यवेक्षण, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित मातृ स्वास्थ्य, शिशु स्वास्थ्य, परिवार कल्याण, गुणवत्ता विकास एवं अन्य तमाम सेवाएं बाधित रहा.
गौरतलब है कि वर्ष 2006 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन की स्थापना बिहार में की गयी थी. इस मिशन के अंतर्गत जिला स्तर से लेकर प्रखंड स्तर तक कर्मियों का नियोजन किया गया था तथा कर्मियों के सामूहिक प्रयास से स्वास्थ्य सेवा में व्यापक सुधार पाये गये हैं. उल्लेखनीय है कि शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर, प्रजनन दर, ओपीडी, संस्थागत प्रसव, अस्पतालों का प्रबंधन एवं सौंदर्यीकरण तथा विभिन्न राष्ट्रीय कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन में संविदा स्वास्थ्य कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है.
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदाकर्मियों के कल्याण के लिए सरकार द्वारा कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिए जाने के कारण संविदाकर्मियों में असंतोष व्याप्त है तथा आंदोलन की राह पर अग्रसर हैं. इस मौके पर विकास रंजन, कुणाल किशोर, पीयूष कुमार, रोहित कुमार शाही,सुधीर कुमार, हेमंत राजन, कुणाल किशोर, दीपक कुमार एवं नागेंद्र कुमार केसरी एवं अन्य संविदा स्वास्थ्यकर्मी अपनी मांगों को लेकर धरने बैठे हुए हैं.

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