किसान कंपनी बनाने का लिया गया निर्णय

कंपनी में कम से कम 500 किसान होंगे शेयरधारक सदस्य पैदावार का क्रय-विक्रय कंपनी के माध्यम से कर सकेंगे मदनपुर : चेई मध्य विद्यालय में किसानों की बैठक हुई, जिसमें नाबार्ड के तहत प्रियंका स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से किसान कंपनी के गठन का निर्णय लिया गया. इससे किसान अपनी पैदावार का क्रय-विक्रय कंपनी […]

कंपनी में कम से कम

500 किसान होंगे शेयरधारक सदस्य
पैदावार का क्रय-विक्रय कंपनी के माध्यम से कर सकेंगे
मदनपुर : चेई मध्य विद्यालय में किसानों की बैठक हुई, जिसमें नाबार्ड के तहत प्रियंका स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से किसान कंपनी के गठन का निर्णय लिया गया. इससे किसान अपनी पैदावार का क्रय-विक्रय कंपनी के माध्यम से कर सकेंगे. कंपनी का स्वामित्व किसानों का ही होगा. कंपनी के शेयर एक हजार रुपये किसानों से संग्रह किये जायेंगे. इस कंपनी में कम से कम 500 किसान शेयर धारक सदस्य होंगे.
नाबार्ड कंपनी निर्माण में विधिक और वित्तीय सहायता प्रदान करेगा. बैठक में किसानों को कृषि पैदावार बढ़ाने, कृषि की आधुनिक तकनीक, कृषि यांत्रिकीकरण की दक्षता, कौशल बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने, सब्जी उत्पादन के लिए किसानों को प्रोत्साहन देने तथा नकदी फसलों,औषधीय और मसालेदार फसलों को बढ़ावा देने पर बल दिया गया. यह भी बताया गया कि फसलों का वास्तविक मूल्य मिले इसके लिए कंपनी मार्केटिंग की व्यवस्था करेगी.
औरंगाबाद डीडीएम नाबार्ड अजय कुमार ने बताया कि किसान कंपनी का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक समृद्धि और उनके उपज का उचित मूल्य मिले. नाबार्ड किसानों के कंपनी निर्माण में और उसे विकसित करने में सहयोग करता है. कंपनी पर स्वामित्व किसानों का ही होता है. बैठक में चेई पैक्स के अध्यक्ष नागवंश कुमार सिंह, सरपंच परमानंद सिंह, साक्षर भारत मिशन के वरीय उत्प्रेरक ललन कुमार सिंह, उप मुखिया धर्मेंद्र कुमार मेहता, नवल किशोर सिंह, सुभाष दास, अशोक कुमार साव, मो नईमुद्दीन, कृष्णनंदन सिंह, बी ठाकुर सहित अन्य उपस्थित थे.

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