न्याय की गुहार. रोहतास जिले की विधवा ने पूरे मामले से कराया अवगत
औरंगाबाद कार्यालय : विधायक आनंद शंकर सिंह और उनके पिता व कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष यमुना सिंह पर एक विधवा महिला की भूमि जबरन कब्जाने का मामला प्रकाश में आया है. गुरुवार को रोहतास जिले के शिवसागर थानाक्षेत्र के कुम्हऊ गांव निवासी विधवा शारदा कुंवर ने जिलाधिकारी कंवल तनुज के पास पहुंच कर उनकी जमीन से कब्जा छुड़ाने की गुहार लगायी.
उसने अपने साथ भूमि सुधार उप समाहर्ता औरंगाबाद के आदेश के आलोक में खाता संख्या 133, प्लॉट नंबर दो, मौजा रायपुरा की जमीन का सीमांकन तथा कब्जा दिलाने के संबंध में बात की. विधवा शारदा कुंवर ने कहा कि रायपुरा गांव के यमुना सिंह और उनके पुत्र व विधायक आनंद शंकर सिंह ने मेरी जमीन का गलत कागजात बनवा कर व्यवहार न्यायालय औरंगाबाद में हकीयत वाद दायर किया है. वे उक्त जमीन पर अपने राजनीति प्रभाव में नाजायज रूप से बल प्रयोग कर कब्जा करना चाहते हैं और जबर्दस्ती मिट्टी कटवा कर अपने मुताबिक बेच रहे हैं.
जब मना करने जाती हूं, तो जान से मारने की धमकी मुझे और मेरे पुत्र को दी जाती है. महिला ने डीएम के समक्ष बिलखते हुए कहा कि वह असहाय और अबला नारी है. मेरे पीछे पांच लोगों की जान-माल और भरण-पोषण की जिम्मेदारी है. अपनी ही जमीन के लिए दर-दर की ठोकरें खाते न्याय के लिए पहुंची हूं.
पता चला कि मामला थोड़ा पुराना है. वैसे विधवा ने छह जनवरी 2015 को मुफस्सिल थाने में एक सनहा भी दर्ज कराया था, जिसमें कहा था कि उस दिन 12 बजकर 15 मिनट के करीब जब वह अपनी जमीन पर गयी, तो यमुना सिंह और आनंद शंकर सिंह के साथ अन्य अज्ञात लोगों ने सरकारी अमीन के सामने मेरे साथ अभद्र व्यवहार किया तथा मेरे साथ आये मेरे भाई और पुत्र से मारपीट की. इधर, जिलाधिकारी कंवल तनुज ने कहा कि मामला भूमि विवाद का है. ऐसे में मामला मेरे न्यायालय में आता है और इसकी सुनवाई होगी. दोनों पक्षों को बुलाया जायेगा. इसके बाद जो भी उचित होगा वह निर्णय दिया जायेगा .
विधवा महिला शारदा कुंवर द्वारा डीएम के समक्ष विधायक व उनके पिता पर जमीन कब्जाने व धमकी दिये जाने के मामले पर पूछे जाने पर विधायक आनंद शंकर सिंह ने कहा कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है.
भूमि उप समाहर्ता के न्यायालय में जिस वक्त सुनवाई होनी थी, उस वक्त किसी कारणवश शामिल नहीं हो सका. महिला द्वारा जो आरोप लगाया गया है, वह पूरी तरह बेबुनियाद है. धमकी के संबंध में विधायक ने कहा कि अगर महिला को धमकी दी गयी थी, तो उसे उसी समय पुलिस व न्यायालय की शरण में जाना चाहिए था.
