औरंगाबाद नगर : अंबा थानाक्षेत्र के संडा गांव की विधवा महिला गुरुवार को जिलाधिकारी के पास पहुंची और रोते हुए कही की मेरी बेटी का अपहरण एक माह पहले कर लिया गया है, लेकिन अंबा थाने की पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है.जबकि पुलिस अधीक्षक से लेकर थाना पर कई बार गुहार भी लगायी. मेरी बेटी को अभी तक बरामद नहीं किया गया. यदि 48 घंटे के अंदर मेरी बेटी जिंदा या मुर्दा नहीं मिलती है, तो विवश होकर आपके समक्ष भूखे-प्यासे बैठ जाउंगी.
विधवा ने जिलाधिकारी को बताया कि विगत 20 अक्तूबर को मेरी बेटी बून पब्लिक स्कूल में पढ़ने के लिए घर से निकली हुई थी. रास्ते में कुछ बदमाशों ने उसका जबरन अपहरण कर लिया. मामले की लिखित सूचना अंबा पुलिस को दी है. थानाध्यक्ष द्वारा आश्वासन दिया गया की आपकी बेटी सकुशल घर लौट आयेगी, लेकिन कुछ दिन बीतने के बाद भी जब नहीं लौटी तो इसकी सूचना पुलिस अधीक्षक को दी. उनके द्वारा कहा गया कि अंबा थाने में जाइये कार्रवाई होगी, लेकिन जब अंबा थाने में गयी तो थानाध्यक्ष ने कोई बात नहीं सुनी.
उसने आरोप लगाया कि थानाध्यक्ष की मिलीभगत से ही मेरी बेटी का अपहरण किया गया है. वहीं, जिलाधिकारी ने पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच कर कार्रवाई करने का भरोसा दिया.
