दो महीने से बंद हुआ पीडीएस का अनाज भी
दाउदनगर : एक तरफ सरकार गरीबों के उत्थान के लिए कई प्रकार की योजनाएं चला रही है और एक ओर विभागीय उदासीनता के कारण कहीं-कहीं गरीब दाने-दाने के मुहताज हैं.
ऐसा ही एक मामला दाउदनगर प्रखंड के तरार टोला हरीनगर में रामाधार राम परिवार के साथ देखने को मिल रहा है. तरार टोला हरि नगर निवासी रामाधार राम के दो बेटे हैं.
पांच वर्षीय रोशन कुमार व 10 वर्षीय रंजन कुमार. पत्नी सुमन देवी की 2013 में बीमारी के कारण मौत हो गयी थी. 2008 में रामाधार राम दीवार गिर जाने से घायल हो गये. गरीबी के कारण समुचित इलाज नहीं हो पाया. पहले रिक्शा चला कर जीवीकोपार्जन कर रहा रामाधार अब पूरी तरह से अपाहिज हो चुके हैं. वह अब अपने परिवार का भरण-पोषण भी नहीं कर सकते हैं.
ऐसे में भीख मांगने के सिवाय कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा है. खुद रामाधार राम कुछ कर नहीं सकते. दो माह से सरकारी कोटे का राशन भी बंद हो गया है. पंसस प्रतिनिधि सत्येंद्र ठाकुर ने बताया कि सूचना देने के बावजूद किसी भी सरकारी पदाधिकारी ने इस परिवार की सुधि लेना मुनासिब नहीं समझा. बहुत पहले इंदिरा आवास के तहत इस परिवार को रुपये मिले थे. लेकिन, इनके घर की हालत कुछ और ही कहानी कहती है.
मदद को आगे बढ़े हाथ
जब इस परिवार की पीड़ा जान कर मीडियाकर्मियों की टीम पहुंची, तो मदद के लिए कुछ हाथ तो बढ़े, लेकिन इसे स्थायी नहीं कहा जा सकता. पंचायत समिति प्रतिनिधि सत्येंद्र ठाकुर, रालोसपा प्रत्याशी चंद्र भूषण वर्मा, सामाजिक कार्यकर्ता मुखिया प्रत्याशी रहे शशि भूषण सिंह व आसपास के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पीड़ित परिवार का हाल देख कर लगभग 2000 रुपये का आटा, चावल समेत अन्य खाद्यान्न सामग्री प्रदान की.
आपूर्ति विभाग का दावा
सामाजिक दायित्व के तहत इस परिवार को महीने में 35 किलो (14 किलो गेहूं और 21 किलो चावल)नि:शुल्क खाद्यान दिया जा रहा है.
डाॅ मुकेश कुमार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी
