कवायद बक्सर के चौसा घाट से लेकर देव के सूर्यकुंड में डाला गया है 25 हजार लीटर गंगाजल
वाराणसी से आये ब्राह्मणों की उपस्थिति में सूर्यकुंड में डाला गया गंगाजल
औरंगाबाद कार्यालय : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत मिशन का प्रतीक बन चुकी है सूर्य नगरी देव का सूर्यकुंड तालाब की स्वच्छता. यह कहना है औरंगाबाद सांसद सुशील कुमार सिंह का.
सूर्यकुंड तालाब में महाआरती के उपरांत पत्रकारों से वार्ता करते हुए सांसद ने कहा कि सूर्य नगरी देव देश-दुनिया में विख्यात है. इसकी पवित्रता व गरिमा दोनों ही अतुलनीय है. प्रधानमंत्री ने जब स्वच्छ भारत अभियान का संकल्प लिया तो हमने सूर्य सूर्यनगरी देव के सूर्यकुंड तालाब को निर्मल व स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया. लगभग छह माह का समय व्यतीत हुए. इस दौरान अनेकों कठिनाइयां का भी सामना किया, लेकिन अपने संकल्प को प्रभावित नहीं होने दिया.
आज मुझे खुशी है कि भगवान सूर्य देव की नगरी का सूर्यकुंड तालाब निर्मल व स्वच्छ बन चुका है. यहां आनेवाले लाखों लाख श्रद्धालु अब शुद्ध व निर्मल जल में स्नान कर भगवान को अर्घदान करेंगे. सांसद ने यह भी कहा कि सूर्य कुंड तालाब के पानी की महिमा को गौरवान्वित करने के उदेश्य से ही 25 हजार लीटर गंगा जल भरा गया
और वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बक्सर से लाये गये गंगाजल को सूर्यकुंड में प्रवाहित किया गया. वाराणसी से आये ब्राह्मणो की मंडली ने गंगा आरती कर सूर्यकुंड तालाब की महिमा को और गौरवान्वित किया है. मुझे खुशी है कि सूर्यदेव की कृपापात्र बनने का अवसर मिला. सांसद ने सबसे पहले सूर्यकुंड तालाब के जल में स्नान कर इसका शुभारंभ भी किया.
सूर्य उपासकों ने खूब उठाया गंगा आरती का आनंद
सूर्यनगरी देव में रविवार की शाम बाबा विश्वनाथ की नगरी बनारस का नजारा देखने को मिला. महादेव की नगरी से आये ब्राह्मणों के मुखारबिंद से वेद ध्वनि का उच्चारण जब शुरू हुआ, तो सूर्य कुंड तालाब का पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा था. जैसे ही इन ब्राह्मणों के हाथों गंगा आरती शुरू हुई, सूर्यकुंड तालाब का संपूर्ण भाग प्रकाशमय हो उठा. गंगा आरती की जल रही ज्योति से निकल रही सुगंधित लौ से पूरा सूर्य नगरी आनंदित हो उठी थी.
देव मोड़ से देव तक बने फोरलेन सड़क : सुशील
सांसद सुशील कुमार सिंह ने कहा है कि सूर्य नगरी देव में लगने वाले चैत व कार्तिक छठ मेले में लाखों छठव्रती पहुंचते हैं. ऐसे में देव मोड़ से देव तक जाने वाली सड़क यातायात के लिए पर्याप्त नहीं है. हम शीघ्र ही बिहार सरकार को इस पर ध्यान आकृष्ट करायेंगे. आवश्यकता हुई, तो केंद्र से भी इस मांग को रखूंगा.
