जीएसटी के नियमों में बदलाव से खुश हैं व्यवसायी
औरंगाबाद सदर : दीपोत्सव के मद्देनजर औरंगाबाद का बाजार गुलजार हो उठा है. हर और दुकानें सज चुकी हैं और लोग भी दीपोत्सव की तैयारी में जुट गये हैं. दीपावली में महज कुछ ही दिन शेष रह गये हैं. ऐसे में घरों की साफ-सफाई में लोग जुट गये हैं.
मां लक्ष्मी के स्वागत में लोग घरों की सजावट पर विशेष ध्यान दे रहे हैं, तो धनतेरस को लेकर बाजार चहकने लगा है. जीएसटी लागू होने के बाद काफी दिनों से मंदी की मार झेल रहे दुकानदारों को उम्मीद है कि इस दीवाली उनके लिए कुछ खास होगा.
शुक्रवार को जीएसटी काउंसिल की बैठक में बदलाव की घोषणा के बाद बाजार में थोड़ी रौनक भी लौटी है. दुकानदार भी मानते हैं कि सरकार की घोषणा के बाद सर्राफा व्यवसाय, कपड़ा बाजार, रेस्टोरेंट, स्टेशनरी, सर्विस सेक्टर और उत्पादन से जुड़े व्यवसाय मैं टैक्स की कटौती की गयी है. जिससे व्यापारी उम्मीद लगा रहे हैं कि उपभोक्ता फिर से जम कर खरीदारी के लिए मूड में आयेंगे.
चाइनीज वस्तुओं के कारण संकट में कुम्हार : दीपावली को लेकर एक बार फिर से चाइनीज सामान की खेप बाजार में उतर चुकी है.
इस बार भी अधिकांश जगहों पर चाइनीज लाइट और पटाखों के साथ दीपावली मनाते लोग देखे जायेंगे. हालांकि, बाजार में कहीं- कहीं चाइनीज सामान का लोग जबरदस्त विरोध कर रहे हैं. लेकिन, चाइनीज वस्तु लोगों का पीछा नहीं छोड़ रहे, जिसके कारण सचमुच में कुम्हार संकट में पड़े हुए हैं. अब देखना यह है कि इस दीपावली में लोग पारंपरिक व देशी चीजों का इस्तेमाल करने पर जोर देते हैं या फिर चाइनीज समान को तरजीह देनेवाले हैं.
क्या कहते हैं व्यवसायी
व्यापार से ज्यादा लोगों के जेब पर असर पड़ेगा. धनतेरस पर लोग सोने-चांदी की खरीदारी करते हैं. सर्राफा व्यवसाय में टैक्स में कमी आने से ग्राहकों को इसका लाभ मिलेगा. धनतेरस पर महिलाएं सोने व चांदी के आभूषण खरीदती हैं, महिलाओं में इस बात की खुशी है कि सरकार के इस फैसले से अधिकतर चीजों के दाम घटेंगे.
पंकज वर्मा, गया जेवर दुकान
दशहरे के अवसर पर कपड़ा बाजार में बहुत रौनक नहीं थी, लेकिन कपड़े पर जीएसटी में कमी करने से व्यवसाय में सुधार होने की उम्मीद है. कपड़े पर बढ़ी महंगाई कम होगी. इसे व्यापारी और उपभोक्ता दोनों संतुष्ट होंगे. दीपावली और छठ दोनों पर्व साथ-साथ हैं, उम्मीद है व्यापार में लाभ होगा. बाजार खरीदारों के लिए तैयार है.
अशोक गुप्ता ,बालाजी ड्रेसेज
धनतेरस को लेकर बाजार में जितना सोने-चांदी की मांग होती है, उतना ही बरतन काफी लोग डिमांड करते हैं. इस बार दीपावली से बरतन व्यवसायी बड़ी अपेक्षा रखे हुए हैं. धनतेरस का पूरा बाजार उपभोक्ताओं पर टिका है. दुर्गापूजा में बाजार में रौनक नहीं दिखी. ऐसा लग रहा है कि धनतेरस और दीपावली भी फीकी हो जाये.
पुरुषोत्तम अग्रवाल, बरतन भंडार
