थाना पहुंच कर पुलिस से की हस्तक्षेप की मांग
दाउदनगर अनुमंडल : दाउदनगर शहर के पेट्रोलचालित व डीजलचालित ऑटो चालकों के गुटों के बीच तनाव व्याप्त है. दोनों के बीच मंगलवार को टकराव की नौबत आ गयी. मंगलवार को सुबह से लेकर दोपहर करीब 12:00 बजे तक शहर में ऑटो का परिचालन पूरी तरह बंद रहा. ना तो दाउदनगर से बारुण रोड के गांवों की ओर चलनेवाले ऑटो चले और न ही नगर पर्षद के पास से भखरुआं तक परिचालन करनेवाले ऑटो चले.
दोनों गुटों के ऑटोचालक थाना पहुंच गये, प्रभारी थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने दोपहर में दोनों गुटों को बुला कर उन्हें समझा-बुझा कर मामले को शांत कराया है. दाउदनगर-बारुण पथ में चलनेवाले यात्री बसों के मालिकों को भी बुला कर उनसे बात की गयी. दोनों पक्षों को समझाते हुए कहा गया कि दो दिनों तक यथास्थिति बनाये रखें. आरटीओ से वार्ता के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
क्या है विवाद : जानकारी के अनुसार पेट्रोल चालित व डीजल चालित टेंपो चालकों के बीच विवाद का कारण नगर पर्षद कार्यालय के पास से लेकर भखरुआं तक ऑटो का परिचालन करना है.
पेट्रोलचालित चालकों का कहना है कि डीजलचालित ऑटो का परिचालन का परमिट शहरी क्षेत्र से हट कर है, वे लोग करीब 30 वर्षों से पेट्रोल टेंपो चला कर अपने बाल-बच्चों का भरण-पोषण करते चले आ रहे हैं तथा नगर पर्षद से भखरुआं मोड़ तक दो किलोमीटर की परिधि में अपना ऑटो चलाते हैं. इसके अलावा उनके पास जीविकोपार्जन का कोई साधन नहीं है. खुर्शीद, बृजनंदन यादव, संजय कुमार, मदन प्रजापति समेत अन्य पेट्रोलचालित ऑटो के चालकों ने थाना को आवेदन देकर आरोप लगाया है कि अवैध तरीके से डीजल टेंपो चला कर बाजार को जाम कर दिया जाता है.
वही, डीजलचालित ऑटो के चालकों में शामिल मुकेश कुमार, अजय कुमार, धीरज कुमार, राजेंद्र प्रसाद, संजय कुमार आदि ने थाना को दिये आवेदन में कहा है कि उन्हें दाउदनगर नगर पर्षद क्षेत्र के अंतर्गत 16 किलोमीटर की परिधि में परिचालन करने के लिए परमिट प्राप्त है. लेकिन, कुछ दबंग लोगों द्वारा डीजल टेंपो का परिचालन रोक दिया गया है.
जब वे लोग भखरुआं मोड़ पर ऑटो लेकर जाते हैं, तो पेट्रोलटेंपो के चालकों द्वारा बाधा पहुंचायी जाती है और जब बारुण रोड में जाते हैं, तो बस स्टैंड से जुड़े लोगों द्वारा बाधा पहुंचायी जाती है. इन लोगों ने मांग किया कि डीजल टेंपो का परिचालन परमिट के अनुसार होना चाहिए.
