पोस्टमार्टम की थी तैयारी, तभी भगवान बन कर आये डॉक्टर

औरंगाबाद कार्यालय : डॉक्टरों को धरती का दूसरा भगवान कहा जाता है. लेकिन, हाल के दिनों में जिस तरह से चंद लोगों ने डॉक्टरी पेशे को बदनाम करने की कोशिश की, उससे डॉक्टरों के क्रियाकलाप पर सवालिया निशान खड़ा होना शुरू हो गया है. खासकर सदर अस्पताल के डॉक्टर इस वक्त आये दिन कटघरे में […]

औरंगाबाद कार्यालय : डॉक्टरों को धरती का दूसरा भगवान कहा जाता है. लेकिन, हाल के दिनों में जिस तरह से चंद लोगों ने डॉक्टरी पेशे को बदनाम करने की कोशिश की, उससे डॉक्टरों के क्रियाकलाप पर सवालिया निशान खड़ा होना शुरू हो गया है. खासकर सदर अस्पताल के डॉक्टर इस वक्त आये दिन कटघरे में खड़े हो रहे हैं.
लेकिन, सदर अस्पताल के ही डॉ सरताज अहमद ने अपने अनुभव और सूझ-बूझ से उस महिला की जान बचा ली, जिसकी चंद मिनट पहले पोस्टमार्टम की तैयारी शुरू हो चुकी थी़ हुआ यह कि बुधवार को बेहोशी की हालत में एक महिला को कुछ लोगों ने सदर अस्पताल में लाकर रख दिया़ महिला को अस्पताल में छोड़ कर उसके साथ आये लोग शायद लौट गये. इधर, महिला अस्पताल में काफी देर तक यूं ही पड़ी रही. लोग आते गये और तमाशा देख कर चलते गये.
कुछ स्वास्थ्यकर्मियों ने कह दिया कि महिला मर चुकी है. आनन-फानन में पोस्टमार्टम के लिए बात निकल पड़ी. इसी बीच डाॅ सरताज अहमद की नजर उस पर पड़ी और हल्की चल रही नब्ज को टटोलते हुए उसका इलाज शुरू कर दिया़ महिला के शरीर से आ रही गंध को देखते हुए कोई पास जाना नहीं चाह रहा था, लेकिन डॉक्टर अहमद ने उसे फर्श से उठा कर वार्ड के बेड पर सलाइन चढ़ाया और जरूरी दवाएं देकर उसकी जान बचा ली गुरुवार की सुबह डाॅ अहमद ने उसे दवा खिलायी़ अब महिला काफी हद तक ठीक है. डॉक्टर की इस दरियादिली की अस्पताल में खूब चर्चा हो रही.
बेसुध हो चुकी वृद्ध महिला को अस्पताल में छोड़ कर चले गये थे उसे लेकर आये लोग
अस्पताल के कर्मचारियों ने बता दिया था मृत
शरीर से निकल रही बदबू के कारण कोई पास जाने को नहीं था तैयार
24 घंटे के इलाज के बाद महिला की हालत बेहतर
खून व पानी की कमी से काफी कमजोर हो चुकी है महिला
महिला कौन है, कहां की है, इसकी जानकारी अभी नहीं हो सकी है. गुरुवार को उसकी हालत कुछ बेहतर थी. काफी कोशिश की गयी, लेकिन वह साफ-साफ अपना नाम-पता नहीं बता पा रही थी. डॉक्टर ने उम्मीद जाहिर की कि एक-दो दिनों में तबीयत और ठीक होने पर शायद महिला अपने बारे में कुछ बता पाये.
डॉक्टर के मुताबिक महिला काफी कमजोर है. शरीर में खून व पानी की कमी से उसकी हालत खराब हुई. संभवत: उसे सही तरीके से भोजन भी नहीं मिल पा रहा था. दवा और आराम से महिला की हालत ठीक हो रही है, हालांकि अब भी उसे उचित देखभाल और उपचार की जरूरत है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >