मंगल ग्रह और चांद पर बस्ती बसाने का हम सपना तो जरूर देख रहे है,पर क्या अंधविश्वास की डोर को मजबुत बनाकर? आज पूरी दुनिया तरक्की की राह अग्रसर है. विज्ञान लगातार तरक्की कर रहा है और इसकी धमक व गूंज हर दिन सुनायी पड़ती है.हम खुद अपने ही देश को महाशक्ति के रूप में आंक रहे हैं, पर अंधविश्वास के भरोसे नहीं,बल्कि अपनी ताकत और दिमाग की बदौलत.
औरंगाबाद कार्यालय : औरंगाबाद जिले के रिसियप थाना क्षेत्र के करकटा गांव में मंगलवार को पूरे दिन डायन और भूत के नाम पर समाज व मानवता की धज्जिया उड़ा दी गयी. चंद लोगों ने अंधविश्वास का ताना बाना बुना और सैकड़ों लोग तमाशबीन बनकर सहयोग करते रहे. पुलिस के पदाधिकारियों ने भी एक तरह से सहयोग ही किया. अंधविश्वास का नंगा नाच इस कदर चला कि मानवता शर्मसार हो गयी. सैकड़ों की भीड़ में एक महिला को अचानक डायन करार दे दिया गया.
मामला इस कदर तूल पकड़ा कि मारपीट या कोई बड़ी वारदात होते-होते रही. पुलिसिया मौजूदगी ने बड़ी घटना होने से बचा लिया,लेकिन रिसियप पुलिस के कारनामे भी अचानक चर्चा में आ गयी. जिन ओझाओं ने देवास के दौरान महिला को डायन करार दिया, पुलिस ने उनकी कोई खबर नहीं ली और वे आराम से चलते बने. पता चला कि 20 दिन पूर्व गांव के ललन पासवान के पुत्र आलोक कुमार (18) की मौत हो गयी थी.
परिजन आलोक की मौत को डायन- भूत से जोड़कर देखने लगे. इसके लिए गांव में एक बैठक हुई और बजाप्ते ओझा बुलाने का निर्णय लिया गया. ग्रामीणों ने इसके लिए चंदा इकट्ठा कर मंगलवार को गांव में पांच ओझा बुलाया. सभी ओझा ने मिल कर गांव में देवास लगाया.इसमें पता करना था कि आलोक के पीछे किस डायन का हाथ था. वैसे पहले ही इसकी खबर चारों तरफ फैल चुकी थी. मंगलवार को समय निर्धारित था. ऐसे में देवास में ओझा की करतूत देखने के लिए आस-पास गांव के सैकड़ों ग्रामीण इक्कठे हो गए थे. काफी देर अपनी भूमिका बांधने के बाद ओझा ने मालती देवी नामक महिला के सिर पर चाकू रख कर उसे डायन करार दिया. इसके बाद मामला तूल पकड़ने लगा. महिला इस बात को मानने को तैयार नहीं थी.
40 हजार चंदा कर बुलाया था ओझा : मालती के पति कमलेश पासवान के अनुसार 40 हजार चंदा करके ओझा बुलाया गया था और उसके परिवार को बेवजह बदनाम करने की कोशिश की जा रही थी. धीरे-धीरे मामला मार-पीट तक पहुंच गया. सूचना मिलने पर रिसियप पुलिस उक्त स्थान तक पहुंची.
पुलिस को पहुंचते हीं ओझा वहां से चलते बने. हालांकि पुलिस ओझा को पकड़ने में दिलचस्पी भी नहीं दिखाई. पुलिस भले हीं इस मामले में संवेदनशील नहीं है पर विवाद गहराता जा रहा है .कभी भी अप्रिय घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है. पहले भी डायन-ओझा के मामले को लेकर अंबा के आजाद विगहा व कुटुंबा के पिपरा बगाही गांव में एक-एक वृद्ध की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी है.
रिपोर्टर का कैमरा छीनने का किया प्रयास : मामले की सूचना पा कर पहुंचे मीडिया कर्मियों से भी ग्रामीणों ने बदसलूकी किया. ग्रामीणों ने रिपोर्टरों को फोटो खींचने से मना किया और कैमरा छीनने का भी प्रयास किया. हालांकि ये सभी पुलिस की मौजूदगी में हुई. हैरत की बात तो यह है कि देवास में मुखिया पति रंधीर बैठा भी मौजूद थे.
