नवीनगर : नवीनगर-बारुण सीमा पर स्थित एनपीजीसी बिजली घर परियोजना के सहयोगी कंपनी इनडवेल, पावर मैंक, जीडीसीएल कंपनी के मजदूरों ने बढ़े वेतनमान व एरियर नहीं मिलने के विरोध में बुधवार पांचवें दिन कार्य का बहिष्कार कर एनपीजीसी मुख्य गेट के समीप धरना प्रदर्शन किया.
मजदूरों ने बताया कि बढ़ी हुई वेतनमान व एरियर मांगने पर कंपनी के अधिकारी कार्य से बाहर निकालने की धमकी देते हैं, जबकि औरंगाबाद जिलाधिकारी व एनपीजीसी प्रबंधन के सीइओ मुरारी प्रसाद सिन्हा ने तीन माह का समय मांगा था और बढ़ी हुए दर से मजदूरी व एरियर का भुगतान कराने का आश्वासन दिया था. लेकिन अब तक किसी भी मजदूर को बढ़ी हुई वेतन व एरियर का भुगतान नहीं किया गया, जिससे मजदूर भुखमरी के कगार पर हैं. मजदूर विनोद यादव, कोलेश्वर यादव, पलसपल बंगाली, राजेश कुमार , रविंद्र मेहरा, रवींद्र यादव,संतोष कुमार, विजय सहित कई मजदूरों ने बताया कि माह में 25 दिन का ही भुगतान किया जाता है और शेष पांच दिन का पेमेंट अगले माह में दिया जाता है.
धरना दे रहे हैं मजदूरों के बीच दो दिन पूर्व एनपीजीसी के सीईओ मुरारी प्रसाद सिन्हा ने मजदूरों से वार्ता भी किया,लेकिन वार्ता कुछ मजदूरों ने माना तो कुछ को नहीं मानने पर वार्ता विफल रहा. बुधवार को नरारी खुर्द कला थानाध्यक्ष प्रशांत कुमार ने प्रशासन की ओर से मजदूरों से वार्ता की और उनकी मांगों के लिए आश्वासन दिलाते हुए मध्यस्थता कर बढ़ा हुआ वेतनमान व एरियर दिलाने की बात कही. थानाध्यक्ष के आश्वासन पर मजदूरों ने अपने अपने कार्य पर लौट जाने की बात कही.पावर जेनेरेटिंग कंपनी के मुख्य कार्यकारी पदाधिकारी मुरारी प्रसाद सिन्हा ने बताया के विभिन्न एजेंसियों को बढ़ी हुई वेतनमान भुगतान नहीं करने के बाद उस बढ़ी हुई वेतनमान का भुगतान एनपीजीसी के द्वारा कुछ को किया गया है और शेष मजदुरो की सुची एनपीजीसी के अंतर्गत सभी कार्य कर रहे एजेंसियों से मांगा गया है.
जल्द ही सूची के आधार पर जांचकर मजदूरों के खातें में उनकी मजदूरी का भुगतान कर दिया जायेगा. इधर, एनपीजीसी के इंटक शाखा अध्यक्ष वरुण कुमार सिंह व सचिव भोला यादव ने बताया कि मजदूरों को सरकार द्वारा दी जाने वाली सुविधा के तहत मजदूरी नहीं मिलने पर अनवरत लड़ाई जारी रहेगी .
