बैंक खातों का ब्योरा देने में छूट रहा पसीना
औरंगाबाद नगर : जिले में 28 वैसे निकासी व व्ययन पदाधिकारी (डीडीओ) हैं, जो डीएम की बात तो दूर प्रधान सचिव के निर्देश का भी अनुपालन नहीं कर रहे हैं. यही कारण है कि निर्देश देने के बाद भी 28 पदाधिकारी सरकारी खाते का अद्यतन प्रतिवेदन नहीं जमा कर सके है़ं
इसके कारण जिलाधिकारी को मजबूर होकर आखिरी चेतावनी का पत्र भेजा है़ वहीं वेतन भुगतान पर रोक लगा दी है़ जिलाधिकारी कंवल तनुज के हवाले से जानकारी देते हुए डीपीआरओ मुकेश कुमार मुकूल ने कहा कि वित्त विभाग के प्रधान सचिव के आदेश के आलोक में भागलपुर में हुए सृजन घोटाले के बाद जिले के निकासी व व्ययन पदाधिकारियों से विभाग के बैंक खातों की अद्यतन रिपोर्ट मांगी गयी थी, ताकि उसकी शुद्धता की जांच की जा सके़ इसके लिए 28 अगस्त की तिथि निर्धारित की गयी थी़ बावजूद 28 वैसे पदाधिकारी हैं, जो वित्तीय अनुशासन की घोर अवहेलना जान बूझ कर कर रहे हैं.
यह अत्यंत गंभीर मामला है़ इससे स्पष्ट होता है कि इस विषय में आपके द्वारा लगातार लापरवाही बरती जा रही है़ इसलिए एक दिन के अंदर प्रतिवेदन जमा कर दें, अन्यथा अधिक लापरवाही मानते हुए विभाग को कार्रवाई करने के लिए भेजा जायेगा़ 28 पदाधिकारियों में दाउदनगर टीचर ट्रेनिंग कॉलेज के प्राचार्य, दाउदनगर रजिस्ट्रार, सर्किल ऑफिस दाउदनगर, दाउदनगर जेल अधीक्षक, डिस्ट्रिक्ट कोऑपरेटिव ऑफीस, वन पर्यावरण विभाग, एनसीसी के 13 बटालियन के कमांडेट, बीइओ ओबरा, रफीगंज, मदनपुर, औरंगाबाद, एक्सक्यूटिव इंजीनियर नेशनल हाइवे, कार्यपालक पदाधिकारी नगर पंचायत नवीनगर, कार्यपालक अभियंता आरइओ, स्कूटिव इंजीनियर नॉर्थ कोयल, मोहम्मदगंज बराज, स्कूटिव इंजीनियर क्वालिटी कंट्रोल सहित 28 पदाधिकारी शामिल हैं. डीएम ने कहा है कि इन सभी को अंतिम चेतावनी दी गयी है़ अब इसमें कोई पत्र नहीं भेजा जायेगा, बल्कि सीधे कार्रवाई के लिए पत्र भेजा जायेगा.
