मोबाइल होने से ज्यादा जरूरी शौचालय

कुटुंबा : बच्चों को जैसी दुनिया दिखायेंगे, वे वैसा ही समझने लगेंगे. उक्त बातें डीएम कंवल तनुज ने कहीं. मंगलवार को प्रखंड की तेलहारा पंचायत के गौरा मिडिल स्कूल में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने सबसे पहले बच्चों से स्लोगन व खुले में शौच जाने के बारे में पूछा. […]

कुटुंबा : बच्चों को जैसी दुनिया दिखायेंगे, वे वैसा ही समझने लगेंगे. उक्त बातें डीएम कंवल तनुज ने कहीं. मंगलवार को प्रखंड की तेलहारा पंचायत के गौरा मिडिल स्कूल में लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने सबसे पहले बच्चों से स्लोगन व खुले में शौच जाने के बारे में पूछा. डीएम ने कहा कि वह शौचालय के महत्व को बताने के साथ पुरूषार्थ व आत्मसम्मान को जगाने आये हैं.
हाथ में मोबाइल होने से ज्यादा जरूरी शौचालय है. घर की बिटिया व महिलाओं के आत्मसम्मान की रक्षा करने का दायित्व घर के अभिभावकों को है. घर के महिलाओं को शौच के लिए बाहर नहीं निकलने दें, अगर ऐसा नहीं करते हैं, तो आपका पुरूषार्थ व्यर्थ है. उन्होंने महिलाओं के हौसला बुलंद करते हुए कहा कि वह उनके जज्बे को जगाने का प्रयास कर रहे हैं. पुरुष इस बात को समझने में सफल नहीं हुए हैं. इतिहास साक्ष्य है कि जब पुरुष पिछड़ने लगा हो, तो महिलाओं ने कमान संभाली है व पुरुष वर्ग की लाज बचायी है. आप आगे आएं और शौचालय निर्माण कराएं. यह योजना घर की है. आने वाली पीढ़ी को इज्जत बचाना है, तो महिलाओं को एक शौचालय बनवाने दें.
डीएम ने सभा में जीविका की दीदियों से कहा कि उनकी संख्या डेढ़ लाख है, अगर वे एक शौचालय बनायेंगी, तो डेढ़ लाख शौचालय तैयार हो जायेंगे. सभा में जिले को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए संकल्प दिलाया गया. कार्यक्रम में बीडीसी संजीव कुमार सिंह, वरीय उपसमाहर्ता पुरुषोत्तम पासवान, उप निदेशक नवीन कुमार, बीडीओ लोकप्रकाश,डीपीएम कमल किशोर आदि ने भी संबोधन में शौचालय के महत्व के बारे में बताया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >