सज-धज कर तैयार हुआ मंदिर
10 दिन तक चलेगा महोत्सव
औरंगाबाद कार्यालय : मुंबई की तरह औरंगाबाद शहर में भी भगवान गणेश के जन्मोत्सव को लेकर शहरवासियों का उत्साह चरम सीमा पर है़ पूरे शहर में ध्वनिविस्तारक यंत्र लगाये गये है़ं शहर की मुख्य सड़कों को जगमगाने के लिए प्रकाश की व्यवस्था की गयी है़ गणपति मंदिर के संपूर्ण भाग का स्वरूप स्वर्ण मंदिर के आकार का दिया गया है़ मंदिर के प्रागंण में सैकड़ों की संख्या में रंगबिरंगी लाइटें लगायी गयी हैं, जिससे मंदिर का संपूर्ण भाग अनेकों रंग में रंगा हुआ दिखाई पड़ रहा है़ शहर के पश्चिमी भाग में रमेश चौक तक, पूर्वी भाग में अदरी नदी पुल और दक्षिणी भाग में टिकरी मोड़ तक के मार्ग में अनेकों प्रकार की रंग-बिरंगी लाइटें और बल्ब लगाये गये हैं. मंदिर के मुख्य भाग को इस तरह आकर्षक बनाया गया है कि इस मार्ग से गुजरनेवाले हर व्यक्ति का पांव वही थम जाये़
आज सुबह सात बजे खुलेगा भगवान का पट : शुक्रवार की सुबह सात बजे वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान सिद्धि विनायक गणेश का पट्ट खुलेगा़ श्रद्धालु 10 बजे रात तक दर्शन पूजन कर सकेंगे़ जन्मोत्सव के पहले दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ होने की संभावना है़ वैसे दर्शन-पूजन का कार्य तो 10 दिनों तक निरंतर चलता रहता है, लेकिन प्रथम दिन भगवान का दर्शन के लिए काफी संख्या में लोग पहुंचते हैं. इस बार मंदिर प्रशासक द्वारा श्रद्धालुओं की भीड़ के मद्देनजर निजी सुरक्षा व्यवस्था भी बनायी गयी है़
जिला पदाधिकारी करेंगे पहली महाआरती : भगवान सिद्धि विनायक गणेश की होनेवाली पहली महाआरती जिला पदाधिकारी कंवल तनुज के द्वारा की जायेगी़ शाम सात बजे महाआरती होगी़ साढ़े सात बजे से महाप्रसाद का वितरण किया जायेगा़ अब तक की परंपरा रही है कि जो भी यजमान बन कर महाआरती करते हैं, उन्हीं के हाथों श्रद्धालुओं में गणपति लड्डू महाप्रसाद के रूप में वितरण किया जाता है़
गणपति की पूजा कर महिलाएं करती हैं तीज व्रत का समापन : सुहागिन महिलाओं द्वारा किये जानेवाले तीज व्रत का समापन भगवान सिद्धि विनायक के दर्शन पूजा के उपरांत किया जाये, तो यह काफी फलदायक और सुहाग काे अचल रखनेवाला माना जाता है़ यह कहना है वाराणसी के जानी-मानी ज्योतिषाचार्य डाॅ हीरामणी रामायणी का़ इनके अनुसार औरंगाबाद की महिलाओं के लिए सौभाग्य की बात है कि भगवान सिद्धि विनायक का यहां भव्य और आकर्षक मंदिर है और भव्य तरीके से इनका जन्मोत्सव मनाया जाता है़
