सदर अस्पताल में हुई थी मेडिकल जांच
लोक शिकायत निवारण अधिकारी से की शिकायत
नवोदय विद्यालय में नामांकन कराना हुआ मुश्किल
औरंगाबाद शहर : मां की शादी हुए 17 साल ही हुई और बेटे की उम्र 20 वर्ष हो गयी़ उम्र बढ़ाने का कारनामा सदर अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने कर दिखाया. डॉक्टरों ने मेडिकल सर्टिफिकेट पर 13 साल के किशोर का उम्र 20 वर्ष कर दिया़ डॉक्टरों की लापरवाही का खामियाजा किशोर का भुगतना पड़ रहा है़ इससे मां-बेटे ऐसे परेशान गये हो गये कि नवोदय विद्यालय, बारुण में नामांकन कराने का भी सत्र छूटने के कगार पर पहुंच गया है़ मामले का खुलासा सोमवार को जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी गजेंद्र कुमार मिश्र के समक्ष हुआ़
दाउदनगर के वार्ड नंबर 23 पटेल नगर मुहल्ला निवासी संतोष कुमार की पत्नी रेखा देवी व उनके बेटे मनीष कुमार ने जन्म तिथि में गड़बड़ी की शिकायत जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी से की़ मनीष की जन्म तिथि सभी प्रमाणपत्रों के अनुसार 10 दिसंबर 2004 का है. इस हिसाब से उसकी उम्र करीब 13 साल ही हो रही है, जबकि मेडिकल रिपोर्ट में उम्र 19 से 20 साल बतायी गयी है.
मनीष ने बताया कि वह अपने मुहल्ले के ही राजकीय प्राथमिक विद्यालय से पंचम वर्ग पास करने के बाद नवोदय में नामांकन कराना चाहता था़ नामांकन टेस्ट में भी वह उत्तीर्ण हुआ, इसके बाद नवोदय विद्यालय द्वारा चार जुलाई को मेडिकल टेस्ट के लिए सदर अस्पताल भेजा गया़ सदर अस्पताल में मनीष ने सभी डॉक्युमेंट जमा किये. 13 जुुलाई की तिथि में मनीष का मेडिकल रिपोर्ट मिली, जिसमें उसका उम्र 19 से 20 साल बतायी गयी है, जबकि जन्म प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित अन्य प्रमाणपत्रों के अनुसार उसकी उम्र 10 दिसंबर 2004 के अनुसार लगभग 13 वर्ष है़
इस संबंध में लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी गजेंद्र कुमार मिश्र ने बताया कि मामला काफी गंभीर है, इस मामले में कार्रवाई करने के लिए जिलाधिकारी के पास रिपोर्ट भेजी जायेगी़ बिना जांच पड़ताल के ही उम्र सर्टिफिकेट दिया गया है़ गड़बड़ी करनेवाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की जायेगी, क्योंकि ऐसे मामले से छात्रो का भविष्य बर्बाद होता है
