हजारों श्रद्धालुओं ने पांत में बैठ कर ग्रहण किया महाप्रसाद
औरंगाबाद कार्यालय : रविवार की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के छठवें दिन छठी मनायी गयी. घरों व देवालयों में भक्तों ने उल्लासपूर्ण ढंग से पर्व की खुशियां मनायी. महिलाओं ने ढोलक की थाप पर वंदनवार गीतों की स्वरलहरी छेड़ भगवान माखनचोर को नमन किया. घरों में महिलाओं ने विधि-विधान से छठी भरी और कढ़ी-चावल सहित अन्य व्यंजनों को भगवान को परोसा. इसके बाद भक्तों के बीच प्रसाद वितरण किया गया. शहर के धर्मशाला चौकी स्थित संकट मोचन मानस मंदिर में भक्ति व आस्था की अनुपम छटा देखने को मिली. कान्हा के जन्मोत्सव की खुशियां देखते ही बन रही थीं.
सभी स्त्री-पुरुष व बच्चे भगवान के वंदनवार गीतों के बीच थिरकने को मजबूर हो गये. मंदिर के पुजारी ने विधि विधान से पूजा-अर्चना व छठी पूजन का कार्यक्रम संपन्न कराया. मंदिर में बिंदा देवी, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी, सुनैना देवी, शकुंतला कुमारी, आशा कुमारी, सुरभि कुमारी, सरोज देवी, उमा देवी, पूनम देवी आदि महिलाओं ने ढोल की थाप पर गीतों की ऐसी स्वरलहरी छेड़ी कि अन्य महिलाएं झूमने को विवश हो गये.
संकटमोचन मानस मंदिर के प्रांगण में ही जन्माष्टमी को लेकर भगवान श्रीकृष्ण की भव्य मूर्ति स्थापित की गयी थी. तब से लेकर लगातार महाआरती और पूजन का दौर चल रहा था.
मंदिर समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश चौधरी के अलावे उमेश प्रसाद गुप्ता, जितेंद्र गुप्ता, झब्बू मेहता, शंभू मेहता, कन्हाई कुमार, सिंटू कुमार, सुनील चौधरी, अर्जुन चौधरी ने कार्यक्रम को सफल बनाने में भरपूर योगदान दिया.अध्यक्ष ने बताया कि रात्रि 12 बजे तक लगभग 5000 श्रद्धालुओं ने पात में बैठ कर छठी का महाप्रसाद ग्रहण किया. इधर, शहर के कई अन्य जगहों पर भी भगवान श्रीकृष्ण की छठी धूमधाम से मनायी गयी.
