क्या आत्महत्या के नियत से अनिता गयी थी रफीगंज रेलवे स्टेशन? पास में रहे आधार कार्ड से चारो की हुई पहचान

क्या आत्महत्या के नियत से अनिता गयी थी रफीगंज रेलवे स्टेशन? पास में रहे आधार कार्ड से चारो की हुई पहचान फोटो नंबर-25 से 30 तक,परिचय-रफीगंज-मदनपुर.रफीगंज रेलवे स्टेशन के समीप अपने तीन कलेजे के टुकड़ो को साथ में लेकर अनिता देवी नामक मां ने रफ्तार भरी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना […]

क्या आत्महत्या के नियत से अनिता गयी थी रफीगंज रेलवे स्टेशन? पास में रहे आधार कार्ड से चारो की हुई पहचान फोटो नंबर-25 से 30 तक,परिचय-रफीगंज-मदनपुर.रफीगंज रेलवे स्टेशन के समीप अपने तीन कलेजे के टुकड़ो को साथ में लेकर अनिता देवी नामक मां ने रफ्तार भरी ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. इस घटना ने कई सवाल छोड़े है. इसमें एक आधार कार्ड भी शामिल है. घटना के बाद जब मृत अनिता के समानो को टटोला गया तो उसमें से चार आधार कार्ड बरामद हुए और उसी आधार कार्ड से अनिता ,रोहित,ऋषि एवं अंकुश की पहचान हुई. कहीं न कहीं मां यह सोच रखी होगी की हादसे के बाद कम से कम उनकी पहचान हो जाए. वैसे यह बात घटनास्थल पर रहे लोगों के मुंह से निकल भी रही थी. सवाल यह उठता है कि अगर कोई महिला अपने बच्चो के साथ पूजा करने के उदेश्य से कहीं जा रही हो तो साथ में पहचान पत्र रखना जरूरी नहीं है. मकसद पर सवाल उठना लाजमी है. अचानक दहल उठा ससुराल व मायके,अलग-अलग दलील रफीगंज रेलवे स्टेशन की दर्दनाक घटना के बाद मृतका अनिता व उसके तीन बच्चों की मौत की सूचना जब ससुराल डोमन बिगहा और मायके नवडीहा पहुंची,वैसे ही परिजन के साथ-साथ गांव वाले भी दहल उठे.आनन-फानन में दोनों जगहों के कई लोग घटनास्थल पर पहुंच गये. चीत्कार के साथ-साथ आक्रोश अचानक गूंज उठी. ससुराल वाले हादसे की दलील दे रहे थे तो मायके वाले आत्महत्या की.कोई पति व सास को कसूरवार बता रहा था तो कोई किस्मत को. मृतका का भाई मुकेश यादव,भाभी रीता देवी ने स्पष्ट कहा कि किसी बात को लेकर अनिता की सास से झगड़ा हुई थी और पति सपोर्ट नहीं कर रहा था.पता चला कि घटना के चंद मिनट पहले अनिता की पति से कुछ बात हुई थी,जिसको लेकर उसके मन में आक्रोश उत्पन्न हुआ. पति को बुलाना चाह रही थी. इसी उधेड़बुन में अचानक उसने खतरनाक फैसला ले लिया. मामला जांच के बाद ही स्पष्ट होगा.कहीं अवैध संबंध कारण तो नहीं घटना के बाद कुछ बातें जो बाते सामने निकलकर आयी है उसके अनुसार कहीं न कहीं किसी महिला से पति का अवैध संबंध होना भी घटना का कारण सामने आ रहा है. हालांकि मृतका की सास और गांव वाले इस मामले से साफ तौर पर इनकार कर रहे है.पति रामजीत यादव से बात की गयी तो उसने किसी भी तरह की बात से इनकार किया और कहा कि अपनी पत्नी से किसी बात को लेकर विवाद नहीं था. जानकारी मिली की रामजीत कई वर्षों से दिल्ली के एक प्राइवेट कंपनी में ड्राइवरी का काम करता है. घटनास्थल से डिहवार स्थान व बाजार का कोई ताल्लुक नहींमृतका की सास अलखी देवी की माने तो मंगलवार की दोपहर घर से कुछ पैसे लेकर अनिता अपने बच्चो के साथ रफीगंज में डिहवार स्थान पूजा करने गयी थी, जबकि गांव वालों की माने तो वह रफीगंज बाजार करने गयी थी और रेलवे लाइन पार करने के दौरान चारो एक हादसे की भेंट चढ़ गये,लेकिन ये दलीले कही न कहीं स्पष्ट नहीं हो रही है. इसके पीछे कारण है कि जिस जगह पर घटना हुई है ,उस जगह से डिहवार स्थान और बाजार का कोई ताल्लुक ही नहीं है.बाजार करने वाला व्यक्ति कभी रेलवे लाइन क्रास ही नहीं करेगा और रही बात डिहवार स्थान की तो रेलवे लाइन से कोई दूर-दूर का वास्ता भी नहीं है. ये बातें घटनास्थल पर रहे लोगों के मन में भी तैर रहे थे. बच्चो के किलकारियों से गूंजता था आंगन,अब पड़ा सूनाकभी डोमन बिगहा के रामजीत यादव के घर के आंगन में तीन बच्चो की किलकारियां, खेल-खेल में झगड़ा होने की गूंज सुनाई पड़ती थी. आज वह आंगन सूना पड़ गया. ग्रामीणों की माने तो रामजीत और उसका भाई संजीत अपनी पत्नी के साथ दिल्ली में ही रह रहा था. गांव में अपने तीन बच्चों व सास के साथ अनिता रह रही थी. घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश भी है और गम भी. पता चला कि अर्धर्निमित मकान और चार कट्ठा जमीन व ड्राइवर की नौकरी के सहारे परिवार चल रहा था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >