छोटे बच्चों में दिखा जबरदस्त उत्साह
औरंगाबाद कोर्ट : सावन पूर्णिमा के दिन मनाया जानेवाला रक्षाबंधन का त्योहार सोमवार को जिले में धूम-धाम से मनाया गया. सुबह से ही मंदिरों में पूजा करने के लिए महिलाएं और युवतियां की भीड़ लग गयी. सभी बहनों ने अपने भाइयों और परिवार की सुख और शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की.
घरों के बच्चों भी रक्षाबंधन पर्व को लेकर सुबह से ही खासा उत्साह दिखाई दे रहा है. औरंगाबाद जिलाधिकारी कंवल तनुज ने भी महादलित बस्ती में जाकर महिलाओं व युवतियों से अपने कलाई में राखी बंधवायी और सभी महादलितों परिवारों की समस्याओं को समाधान करने का आश्वासन दिया.
ब्रह्माकुमारी बहनों ने बंदियों को बांधीं राखियां : औरंगाबाद कोर्ट. प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की बहनों ने रक्षाबंधन के मौके पर मंडल कारा औरंगाबाद जाकर वहां के बंदियों को राखी बांधी और उनके मंगल जीवन की कामना की.
बहन बी के सबिता और सुमन ने लगभग 30 से 35 बंदियों को राखी बांधी और उनका मुंह भी मीठा कराया. इस क्रम में कई बंदियों के आखों से आंसू भी छलक आये. इससे पूर्व मंडल कारा के जेलर को भी बहनों ने राखी बांधी. इसके बाद पुलिस लाइन की मेजर, सदर अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कृषि पदाधिकारी को भी उनके कार्यालय में जाकर राखी बांधी.
मदनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर सोमवार को खूब चहल-पहल रही. इस मौके पर गौरी शंकर मंदिर, उमंगेश्वरी मंदिर पर लोगों की भीड़ देखी गयी. इस अवसर लोग मंदिर जाकर भगवान शिव की पूजा-अर्चना किये.
प्रखंड के सभी मंदिर पर सुबह से ही श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा रक्षाबंधन पर बहन से राखी बंधवाने के बाद लोगों ने खीर, पूड़ी, मालपूवा आदि परंपरागत पकवानों को छक कर खाया.
रफीगंज प्रतिनिधि के अनुसार, सावन पूर्णिमा को लेकर रफीगंज प्रखंड क्षेत्र के शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गयी. रफीगंज महादेव घाट, हाजीपुर महादेव मंदिर, ब्लॉक परिसर शिव मंदिर, भदवा, कासमा, बराही, पौथू सहित शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में अवस्थित शिवालयों में श्रद्धालुओं द्वारा जलाभिषेक किया गया.
दाउदनगर प्रतिनिधि के अनुसार, भाई-बहन के प्रेम का त्योहार अनुमंडल मुख्यालय से लेकर ग्रामीण क्षेत्र तक आस्था व परंपरापूर्वक उल्लास के साथ मनाया गया. बहनों ने अपने-अपने भाई की कलाई पर राखी बांधी. उन्हें रोली लगा कर उनकी आरती उतारी और मिठाई खिलाया. भाइयों ने बहनों से राखी बंधवा कर उनकी रक्षा का वचन दिया और अपनी क्षमतानुसार उन्हें उपहार प्रदान किया.
