दुखद. भाई को राखी बांधने की हसरत रह गयी अधूरी
चार माह पहले हुई थी शादी, आयी थी मायके
इलाज के दौरान गया ले जाने के दौरान गयी जान
औरंगाबाद कार्यालय : रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के आपसी प्रेम को प्रगाढ़ करने का एक बड़ा त्योहार है. बहन कहीं भी हो भाई को राखी बांधने की हसरत लेकर उसके पास जरूर पहुंचती है या भाई स्वयं उसके पास पहुंचता है.
लेकिन, जब भाई को राखी बांधने की हसरत अधूरी रह जाये और बहन काल के गाल में समा जाये, तो घर व गांव में कोहराम मचना लाजिमी है. औरंगाबाद शहर से कुछ ही दूरी पर स्थित बेला गांव में ऐसी ही एक हृदयविदारक घटना घटी. दो दिन पहले अपने भाई को राखी बांधने सुनीता अपने ससुराल से मायके पहुंची थी. शनिवार को तिरोस्ती का पर्व रखा था और मंदिर जाने की तैयारी के पूर्व बाल झाड़ रही थी. इसी बीच बाल से सरक कर कंघी फर्श पर गिर पड़ा, जिसे उठाने के दौरान हाथ में ही विषैले सर्प ने दंश लिया.
आनन-फानन में पहले तो परिजन अंधविश्वास में पड़ कर कुशी गांव में झाड़ फूंक के लिए ले गये. स्थिति खराब होने के बाद फिर सदर अस्पताल लेकर पहुंचे
अस्पताल के डाक्टरों ने मगध मेडिकल कॉलेज, गया रेफर कर दिया, जहां केडॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. सुनीता के भाई मनोज प्रचारक ने बिलखते हुए कहा कि चार माह पहले उसकी शादी झारखंड राज्य के छतरपुर थाना क्षेत्र के रामगढ़ गांव में हुई थी. कुछ ही दिन पहले राखी बांधने अपने मायके आयी हुई थी. घटना के बाद ससुरालवाले भी पहुंचे और सुनीता का शव साथ ले जाकर ससुराल में अंतिम संस्कार किया.
