कहा-स्वच्छ प्रशासन के साथ राज्य का हो विकास
औरंगाबाद सदर : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नयी सरकार की कैबिनेट का गठन हो चुका है. इस नयी सरकार में 27 मंत्रियों ने पद व गोपनीयता की शपथ शनिवार को ली.
भाजपा और जदयू जब 2013 में पिछली सरकार चला रहे थे, तो उस वक्त स्वास्थ्य, पथ निर्माण, श्रम संसाधन, खनन, सहकारिता, वित्त व वाणिज्य, कला व संस्कृति, नगर विकास, पीएचइडी आदि विभाग भाजपा के ही पाले में था. फिर से यह विभाग भाजपा के ही पास दोबारा आ गये हैं. ऐसे में इस नये मंत्रिमंडल से लोगों की उम्मीद काफी बढ़ गयी हैं.
नयी सरकार के नये मंत्रिमंडल के गठन के बाद आम लोगों ने प्रभात खबर के साथ अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं. लोगों ने कहा सरकार बदलते ही बड़े बदलाव हुए है. नये मंत्रिमंडल से स्वच्छ प्रशासन और विकास की उम्मीद है. लोगों ने यह भी कहा कि मंत्रियों ने जो प्राथमिकताएं शपथ लेने के दौरान गिनायीं है, उस पर वह ईमानदारी से अमल करेंगे और राज्य का विकास करेंगे. मंत्रिमंडल में कायस्थ समाज का प्रतिनिधित्व नहीं होने से इस वर्ग में निराशा है.
कैबिनेट के विस्तार में सामाजिक समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया है. पूर्व की तरह यह एनडीए सरकार निश्चित ही आगे कुछ अच्छा करनेवाली है. नगर विकास व आवास मंत्री सुरेश शर्मा से औरंगाबाद नगर पर्षद को भी बड़ी उम्मीद है, एक बार फिर से बिहार का स्वर्णिम समय दोबारा लौट कर आया है.
उदय कुमार गुप्ता, मुख्य पार्षद, औरंगाबाद
गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहाल करना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है. ऐसे में प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बहाल करना शिक्षा मंत्री कृष्णनंदन वर्मा की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए. गरीब बच्चों को शिक्षा, समय पर परीक्षा व समय पर रिजल्ट की उम्मीद है. साथ ही, सरकारी शिक्षण संस्थानों की दशा को ठीक करने का प्रयास करें, तो बेहतर होगा.
अजीत चंद्रा, समाजसेवी
बीजेपी विधायक कृष्ण कुमार ऋषि को कला, संस्कृति व युवा विभाग सौंपा गया है. उम्मीद है कलाकारों के लिए व अपनी संस्कृति के लिए यह बेहतर कार्य करेंगे. बिहार के बनमनखी से चौथी बार विधायक बने श्री ऋषि अपने क्षेत्र की जनता की पहली पसंद रहे हैं. कलाकारों व रंगकर्मियों को इनसे बड़ी अपेक्षा है.
धर्मवीर भारती, निदेशक, धर्मवीर फिल्म एंड टीवी प्रोडक्शन
केंद्र और राज्य में एक तरह की सरकार होने से राज्य का विकास तेजी से होगा. भाजपा के कोटे में मंत्रियों को अधिकांश वहीं विभाग मिले हैं, जो पिछली एनडीए सरकार में भी भाजपा के पास ही रहे थे. ऐसे में एक बार फिर से बिहार का विकास होगा और राज्य में चल रही सात निश्चय योजना को बल मिलेगा.
राज किरण तिवारी उर्फ सिंटू, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि
नयी सरकार के कैबिनेट में कायस्थों को कोई जगह नहीं दिया जाना थोड़ा अजीब सा लग रहा है. कायस्थ बुद्धिजीवी समाज का एक हिस्सा रहा है. भाजपा और जदयू में कायस्थ समाज के वरिष्ठ नेता होते हुए उन्हें उपेक्षित रखा गया. दोनों संगठनों को इस पर गंभीरता से विचार करना चाहिए था. इससे समाज ठगा सा महसूस कर रहा है.
ह्रदयानंद सहाय, समाजसेवी
