डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए जमीन खाली कराने में मिली सफलता, पिपरा के गांववाले हुए राजी

औरंगाबाद कार्यालय : बारुण थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के ग्रामीणों ने अपनी आवासीय जमीन छोड़ कर सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी जमीन पर जाने की सहमति दे दी है़ इससे संबंधित जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि रेल विभाग द्वारा मालगाड़ी के लिए बनाये जा रहे रेलवे कॉरिडोर में […]

औरंगाबाद कार्यालय : बारुण थाना क्षेत्र के पिपरा गांव के ग्रामीणों ने अपनी आवासीय जमीन छोड़ कर सरकार द्वारा उपलब्ध करायी गयी जमीन पर जाने की सहमति दे दी है़ इससे संबंधित जानकारी देते हुए सदर अनुमंडल पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद ने बताया कि रेल विभाग द्वारा मालगाड़ी के लिए बनाये जा रहे रेलवे कॉरिडोर में जो व्यवधान उत्पन्न हुए थे,

उन्हें दूर कर लिया गया है़ पिपरा गांव के लोगों ने अपने गांव की भूमि को छोड़ने पर भी सहमति व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध करायी गयी जमीन पर आवासीय भवन बनाने पर सहमति दी है़ एसडीओ ने यह भी बताया कि कुछ ग्रामीण अपने भवन को बनाने का कार्य शुरू कर दिये है़ं शीघ्र ही इस गांव के अन्य लोग भी अपना मकान खाली कर आवासीय भूमि को जिला प्रशासन को सौंप देंगे़

एसडीओ के अनुसार जो भूमि पिपरा गांव के ग्रामीणों को आवासीय मकान के लिए दी गयी है, उसमें रेल विभाग द्वारा समतलीकरण करने का कार्य भी शुरू किया जा रहा है़ एसडीओ के अनुसार रेलवे कॉरिडोर के निर्माण में यह एक बड़ी बाधा थी, जिसे ग्रामीणों की सहमति से दूर कर लिया गया है़ उल्लेखनीय है कि रेल विभाग दिल्ली से सियालदह तक मालगाड़ी परिचालन के लिए रेलवे कोरिडोर का निर्माण किया जा रहा है़ यह रेलवे कॉरिडोर पिपरा गांव के बीच से होकर गुजरना है़ ऐसे में इस गांव को खाली कराना अनिवार्य था़ जिला प्रशासन ने ग्रामीणों की सहमति से यह बाधा को दूर कर ली है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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