पीएचसी में कभी भी बंद हो सकता है एक्स-रे

दाउदनगर अनुमंडल : सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड व एक्सरे सुविधा उपलब्ध कराने के बाद मरीजों को काफी राहत मिली थी. स्थानीय अस्पताल में तकनीकी कारणों से अल्ट्रासाउंड तो बंद हो ही चुका है और अब आवंटन के अभाव में दाउदनगर पीएचसी में एक्स-रे की सुविधा कभी भी बंद हो सकती है. […]

दाउदनगर अनुमंडल : सरकारी स्तर पर स्वास्थ्य केंद्रों में निशुल्क अल्ट्रासाउंड व एक्सरे सुविधा उपलब्ध कराने के बाद मरीजों को काफी राहत मिली थी. स्थानीय अस्पताल में तकनीकी कारणों से अल्ट्रासाउंड तो बंद हो ही चुका है और अब आवंटन के अभाव में दाउदनगर पीएचसी में एक्स-रे की सुविधा कभी भी बंद हो सकती है.
इसका कारण एक्स-रे संचालक को करीब साल भर से अधिक समय से बकाया राशि का भुगतान नहीं होना है. एक्स-रे संचालक अविनाश कुमार मिश्रा ने करीब दो महीना पहले आइजीइ मेडिकल सिस्टम पटना को आवेदन देकर गुहार लगाते हुए कहा था कि मार्च 2016 से ही भुगतान नहीं हुआ है. जल्द भुगतान नहीं होने की स्थिति में वे भुखमरी की स्थिति में पहुंच जायेंगे और अपना एक्स-रे सेंटर बंद करने पर विवश हो जायेंगे. श्री मिश्रा का कहना है कि एक्सरे की फिल्म व अन्य सामग्री नकद खरीद कर लानी पड़ती है. पीएचसी पहुंचनेवाले मरीजों का आवश्यकता पड़ने पर नि:शुल्क एक्स-रे किया जाता है. स्थानीय स्तर पर बकाये के भुगतान को लेकर सिर्फ आश्वासन ही मिलता आ रहा है. विभागीय सूत्रों ने बताया कि एक्स-रे संचालक का करीब चार लाख से भी अधिक राशि बकाया है.
बंद होने पर क्या होगी परेशानी : यदि बकाया राशि नहीं मिलने के कारण संचालक द्वारा दाउदनगर पीएचसी का एक्स-रे बंद कर दिया गया, तो इसका खामियाजा सीधे तौर पर गरीब मरीजों को होगा. पीएचसी के चिकित्सकों के अनुसार, प्रायः प्रतिदिन न्यूनतम 20 एक्स-रे मरीजों का कराया जाता है.
यदि पीएचसी में यह सुविधा बंद हो गयी, तो इसका सीधा लाभ निजी एक्स-रे संचालकों को मिलना शुरू हो जायेगा. सूत्रों के अनुसार निजी संचालक सामान्य एक्सरे का 150 व डिजिटल का 200 रुपये तक वसूल करते हैं. इस प्रकार यदि देखा जाये, तो सरकारी स्तर पर नि:शुल्क एक्स-रे का भुगतान नहीं होने की स्थिति में बंद हो जाने पर गरीब मरीजों का करीब तीन हजार रुपया प्रतिदिन निजी संचालकों के पास चला जायेगा.
क्या कहते हैं पीएचसी प्रभारी
राशि का आवंटन जिला स्वास्थ्य समिति करती है. मार्च 2017 तक की एक्स-रे संचालक के बकाया राशि की रिपोर्ट तैयार कर जिला स्वास्थ्य समिति को भेजी गयी है. आवंटन आने के बाद ही भुगतान हो सकता है.
डाॅ मनोज कुमार कौशिक, पीएचसी प्रभारी, दाउदनगर

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