शहर में सफाई कार्य की नहीं हो रही निगरानी

नगर पर्षद के प्रशासक सह एसडीओ ने की कामकाज की समीक्षा दाउदनगर अनुमंडल नगर पर्षद, दाउदनगर में छह महीने से स्वच्छता निरीक्षक का पद खाली है. एनजीओ द्वारा शहर की सफाई करायी जाती है, लेकिन उसकी मॉनिटरिंग करनेवाला कोई नहीं है. यह खुलासा तब हुआ जब एसडीओ सह नप के प्रशासक राकेश कुमार ने नप […]

नगर पर्षद के प्रशासक सह एसडीओ ने की कामकाज की समीक्षा

दाउदनगर अनुमंडल नगर पर्षद, दाउदनगर में छह महीने से स्वच्छता निरीक्षक का पद खाली है. एनजीओ द्वारा शहर की सफाई करायी जाती है, लेकिन उसकी मॉनिटरिंग करनेवाला कोई नहीं है. यह खुलासा तब हुआ जब एसडीओ सह नप के प्रशासक राकेश कुमार ने नप कार्यालय पहुंच कर कर्मचारियों से पूछताछ की व जानकारी लेनी शुरू की.

प्रभारी प्रधान सहायक द्वारा उन्हें बताया गया कि शहर की सफाई के एवज में एनजीओ को करीब सात लाख रुपये का भुगतान नप द्वारा किया जाता है. नप की सफाई सामग्री का एनजीओ उपयोग करता है और उसका भाड़ा नप को देता है. स्थापना सहायक नरेंद्र भगत द्वारा बताया गया कि अक्षयबर चौबे के जनवरी में ही सेवानिवृत होने के बाद उन्हें करीब दो दिन पहले प्रभार लेने का पत्र मिला है. एसडीओ ने कहा कि जब स्वच्छता निरीक्षक हैं ही नहीं, तो एनजीओ के सफाई कार्यों की मॉनिटरिंग कौन कर रहा है और किस आधार पर उसे भुगतान किया जा रहा है. नप की सफाई सामग्री के बारे में पता चला कि दो ट्रैक्टर में से एक ट्रैक्टर का डाला खराब है.

बॉबकट मशीन भी खराब पड़ा हुआ है. दो शिफ्ट में शहर की सफाई करायी जाती है. बरसात पूर्व सफाई के बारे में भी एसडीओ ने जानकारी ली. कनीय अभियंता परमेश्वर पासवान द्वारा उन्हें बताया गया कि शहर में नौ नया नाला निर्माण की योजना स्वीकृत कर व एस्टीमेट बना कर नगर विकास व आवास विभाग को भेजा गया है. इन नालों का निर्माण हो जाने से शहर का ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त हो जायेगा. एसडीओ ने नप के स्थायी व अस्थायी कर्मियों के बारे में भी विस्तारपूर्वक जानकारी ली और उनके कार्यों के बारे में जानकारी हासिल की.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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